डिजिटल पेमेंट किट खरीद घोटाले में एसीबी जवाब दे वरना पेश हो अधिकारी-हाईकोर्ट
मामले से जुड़े अधिवक्ता पीसी भंडारी व टीएन शर्मा ने बताया कि विभाग ने सितंबर 2017 में डिजिटल पेमेंट किट खरीदने के लिए 19 करोड़ का टेंडर निकाला था। वहीं बाद में इसे बढ़ाकर 33 करोड रुपये कर दिया। इसके तहत 8592 पेमेंट किट खरीदी जानी थी और किट में एक टेबलेट, एक पोस मशीन, एक फिंगरप्रिंट स्केनर इत्यादि थीं। इसके अलावा हर मशीन का एक मासिक सब्सक्रिप्शन खरीदा जाना था। याचिकाकर्ता को आरटीआई से पता चला कि मार्च 2019 तक केवल 4964 किट ही एक्टिव हो पाई थी। उनमें भी हर महीने प्रति किट एक भी ट्रांजेक्शन नहीं हो रहा था। जबकि सभी किटों का पेमेंट कर दिया था। वहीं संबंधित फर्म को रख-रखाव के पेटे 8 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया। इन मामलों में सीएजी ने भी आपत्तियां दर्ज की, लेकिन विभाग ने उन्हें नहीं माना। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि साल 2020 की पीआईएल में एसीबी ने अभी तक जवाब नहीं दिया है। ऐसे में अदालत ने एसीबी को अंतिम मौका देते हुए दो सप्ताह में जवाब पेश नहीं करने पर संबंधित अधिकारी को पेश होने को कहा है।









