कांग्रेस नेता ने सपा विधायक के बयान पर ई रिक्शा चलाकर जताया विरोध

रविवार को उन्होंने अपने कार्यालय से चौधरी सराय चौराहे तक खुद ई-रिक्शा चलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान रास्ते में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और कई लोगों ने उनके समर्थन में नारे लगाए।

मुशीर तरीन ने इस अवसर पर कहा कि विधायक इकबाल महमूद का बयान न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह समाज के मेहनतकश तबकों के संघर्ष और कड़ी मेहनत को भी नजरअंदाज करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रिक्शा चलाने वाले लोग देश के भविष्य को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, चाहे वह बच्चों को स्कूल पहुंचाना हो या अधिकारियों को उनके गंतव्य तक।

तरीन ने विधायक की सोच को संकीर्ण और वर्गवादी बताया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “हमारे संभल में हलीम बेचने वाले का बेटा जज बना, एक मिस्त्री की बेटी भी जज बनी। घास खोदने वालों और रिक्शा चालकों के बच्चे आज आईएएस-पीसीएस अधिकारी बन रहे हैं।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि एक मछुआरे का बेटा देश का राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम बना था।

इस विरोध प्रदर्शन ने शहर में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक संगठनों ने मुशीर तरीन के इस कदम की सराहना की है। उन्होंने सपा विधायक इकबाल महमूद से अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

मुशीर तरीन ने अंत में कहा कि राजनीति वंशवाद से नहीं, बल्कि जनसेवा और ईमानदारी से चलती है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे नेताओं को जवाब दें जो मेहनतकश वर्ग को नीचा दिखाने का प्रयास करते हैं।