डीआईजी के आदेश पर दर्ज हुई मारपीट व लूट की रिपोर्ट
थाना मझोला की बस्ती निवासी मजदूर कमल किशोर ने बीते दिनों डीआईजी को शिकायती पत्र देकर बताया कि बीते दो अक्टूबर दोपहर करीब 3:30 बजे वह सिविल लाइंस के फकीरपुरा में अपने मामा के घर जा रहा था। आरोप लगाया कि रास्ते में रेलवे लाइन के किनारे मझोला के चिड़िया टोला निवासी आशीष मिश्रा, कोतवाली क्षेत्र के पारकर कॉलेज के पास रहने वाला अनिकेत सुधीर समेत तीन-चार लड़के खड़े थे। सभी शराब के नशे में थे। कमल किशोर के अनुसार आरोपितों ने उसकी बाइक रोक ली और अनायास ही गाली गलौज करने लगे। गाली देने का विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडा और बेल्टों से कमल किशोर को पीटना शुरू कर दिया। मारपीट करके तीनों ने उसकी जेब से 32 हजार 800 रुपये लूट लिए। बाइक भी छीन ली। आरोपी उसे बुरी तरह मारपीटकर जान से मारने की धमकी देकर वहां से भाग गए। इसकी शिकायत मझोला थाने में अगले ही दिन की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई बार मंडी समिति चौकी और मझोला थाने का चक्कर लगाने के बाद पुलिस ने उसका मेडिकल तक नहीं कराया। जबकि उसके हाथ और कोहनी में फैक्चर है। थाना पुलिस ने पहले थाने से भगा दिया फिर कई बार चक्कर लगाने के बाद चौकी पुलिस ने आरोपितों में से कुछ को थाने पर बुलाया, लेकिन बाद में उन्हें बिना कार्रवाई के छोड़ दिया था। जिसके बाद पीड़ित ने परेशान होकर डीआईजी के समक्ष पेश होकर शिकायत की। जहां से डीआईजी ने एफआईआर के आदेश दिए।
मामले में पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मझोला थाने में तीन नामजद आरोपितों के खिलाफ मारपीट और लूट का केस दर्ज किया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।









