नशे के खिलाफ युद्ध में ब्रह्माकुमारी संस्था बनी जिला प्रशासन की सहभागी

जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त अपूर्व देवगन ने सद्भावना भवन, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय भ्यूली में दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पहली कार्यशाला में मंडी सदर-1, सदर-2 और साईगलू शिक्षा खंडों के अध्यापक शामिल हुए। प्रतिभागियों को ‘व्यसन और इसके कारण, नशे की आंतरिक खुशी का विज्ञान, कलंक, निदान और उपचार की चुनौतियां’ तथा ‘पुनः नशे की ओर लौटना, स्वास्थ्य लाभ और जीवन में लचीलापन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।

आईआईटी मंडी के मनोचिकित्सक और ब्रह्माकुमारी रिसर्च ग्रुप के सदस्य डॉ रमाजयम ने अध्यापकों को बच्चों की समस्याओं की पहचान करने और स्ट्रेस मैनेजमेंट पर विशेष बल दिया।

एक नवंबर तक आयोजित होंगी कार्यशालाएं

जागरूकता कार्यशालाएं क्रमवार पूरे जिले में आयोजित की जाएंगी। 26 सितंबर को बल्ह-1, बल्ह-2 और सलवाहण के अध्यापक भंगरोटू भवन में, 27 सितंबर को सुंदरनगर-1, सुंदरनगर-2 और निहरी के अध्यापक सुंदरनगर में, 3 अक्तूबर को द्रंग-2 के अध्यापक पधर (डला) में, 4 अक्तूबर को द्रंग-1, चौंतरा-1 और चौंतरा-2 के अध्यापक जोगिंदरनगर (ढेलू) में, 9 अक्तूबर को चच्योट-1 और चच्योट-2 के अध्यापक चौल चौक में, 11 अक्तूबर को धर्मपुर-1, धर्मपुर-2, गोपालपुर-1 और गोपालपुर-2 के अध्यापक सरकाघाट में, 16 अक्तूबर को बगस्याड़ खंड के अध्यापक बगस्याड़ में, 17 अक्तूबर को सराज-1 के अध्यापक जंजैहली में, 18 अक्तूबर को करसोग-1 और करसोग-2 के अध्यापक करसोग में तथा 1 नवम्बर को सराज-2 और औट के अध्यापक बालीचौकी में प्रशिक्षित किए जाएंगे।