सुप्रीम कोर्ट ने अवैध बजरी खनन व परिवहन पर केन्द्र व राज्य सरकार से जवाब मांगा
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर बजरी का अवैध खनन और परिवहन किया जा रहा है। इसके चलते वैध बजरी ट्रक ऑपरेटर्स का व्यवसाय भी खत्म हो रहा है। वहीं अवैध खनन के चलते आमजन को ऊंची कीमत पर बजरी की खरीद करनी पड़ रही है। इसके अलावा अवैध बजरी खनन से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है। अवैध बजरी खनन में बजरी माफियाओं को स्थानीय राजनीतिक लोगों व पुलिस अफसरों का भी संरक्षण मिला हुआ है और इसके चलते ही वे बेखौफ होकर वे बजरी का अवैध कारोबार कर रहे हैं। अवैध वाहनों में ओवरलोड बजरी का परिवहन किया जा रहा है। इतना ही नहीं वे अवैध बजरी खनन को रोकने वाले लोगों के खिलाफ भी आपराधिक गतिविधियां भी कर रहे हैं। इससे राज्य को भी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। इसलिए राज्य सरकार और इसके अफसरों को निर्देश दिए जाए कि वे अवैध बजरी खनन को रोकें और इन गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करें।









