सिरसा के गांव रिसालियाखेड़ा में ढही दीवार, पन्नीवालामोटा में छत गिरी

मकान मालिक कुलदीप ने बताया कि वे कई बार पंचायत को गली को ऊंचा करने और निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए कह चुके हैं, लेकिन पिछले दो सालों से कोई कार्रवाई नहीं हुई। गांववासियों का कहना है कि रात की तेज बारिश से पानी घरों में घुस गया और उसी दबाव में दीवार गिर गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि हर बरसात में उन्हें ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

उधर, गांव पन्नीवाला मोटा में बरसात की वजह से एक मकान की छत गिर गई। इस हादसे में परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए, लेकिन कमरे में रखा सामान मलबे के नीचे दबने से नष्ट हो गया। राजेंद्र कुमार के घर की एक कमरे की छत रविवार रात को गिर गई। हालांकि हादसे के समय राजेंद्र कमरे में ही था, लेकिन छत गिरने का आभास पाकर वह अचानक बाहर आ गया। इस दौरान उसे मामूली चोटें आई हैं। राजेंद्र कुमार ने बताया कि वह एक कमरे में सोया हुआ था जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में सो रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हो रही बरसात के कारण कच्चे घरों में रह रहे लोगों को डर सताने लगा है।

इसी प्रकार गांव दौलतपुरखेड़ा में सोमवार सुबह मकान ढह गया, जिसमें रखा सामान मलबे में दब गया। पीडि़त परिवार के मुखिया जोधा राम ने बताया कि उसके घर में तीनों मकान कच्चे और पुराने है। पिछले कुछ दिनों से बरसात हो रही है जिससे मकानों की हालात दयनीय हो गई है। एक कमरे की दीवार और छत ढह गई है जबकि दो और कमरे भी गिरने वाले है। इसलिए हम अब आंगन में झोपड़ी बनाकर उसमें रह रहें हैं। सामान भी बाहर निकाल कर दोनों कमरे खाली कर दिए हैं ताकि दोबारा कोई नुकसान न हो। हादसे की सूचना मिलने पर पूर्व सरपंच प्रतिनिधि साधू सिंह, घुम्मन सिंह, बलकरण सिंह आदि पीडि़त परिवार से मिलने पहुंचे और उन्होंने जिला प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। जिला के शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति और भी गंभीर है। सडक़ों पर तीन से चार फुट पानी जमा है।