डिग्री हासिल करने वाले छात्रों पर उनके अभिभावकों व गुरुओं का विशेष योगदान : राज्यपाल
दीक्षांत समारोह के अंतर्गत 59 छात्रों को पदक प्रदान किए गए। इसके अलावा विश्वविद्यालय से एमए संगीत विषय से पढ़ाई करने वाली छात्रा कोमल ने कुलाधिपति स्वर्ण पदक सहित छह पदक प्राप्त किये हैं। इस सम्मान को प्राप्त कर उन्होंने अपने गुरुओं और माता-पिता का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में वह माया नगरी मुम्बई का रुख करते हुए प्लेबैक सिंगिंग में अपना भविष्य बनाएंगी। गोरखपुर निवासी मेडिकल कॉलेज कानपुर से एमबीबीएस यूजी की शिक्षा प्राप्त करने वाले आयुष सिंह को भी स्वर्ण पदक मिला। इसके लिए उन्होंने सारा श्रेय अपने पिता को दिया है।
मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि छात्रों को पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम को जरूर सुनना चाहिए। क्योंकि उन्होंने कई बार छात्रों को अपनी बातों से काफी उत्साहित किया है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में भारत ने विश्वस्तर पर अपनी एक अलग पहचान हासिल की है। जिसमें छात्राओं का विशेष योगदान रहा है। हम आशा करते हैं कि आने वाले समय में देश से ऐसे होनहार छात्र निकलें जिनका लोहा हिंदुस्तान में ही नहीं बल्कि विश्व भर में माना जाए।
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक ने सम्मानित छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय उन सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है। जिन्हें आज यह सम्मान प्राप्त हुआ है। अपनी कड़ी मेहनत और शिक्षा के प्रति ईमानदारी की वजह से उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ है। इसी तरह से छात्र जीवन में आगे बढ़ते रहें, जिससे उन्हें तरक्की मिलती रहे।









