रेलवे ने कोडरमा स्टेशन में एक दिन में 2715 स्लीपर बदलकर बनाया रिकॉर्ड
धनबाद रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अखिलेश मिश्रा ने बताया कि इस बंदी के दौरान दिल्ली से हावडा के बीच 160 किमी की रफ्तार से ट्रेन दौडाने के लिए कार्य होता रहा। जब रेल के पहिया पूरी तरह से थम गये तो कोडरमा में चल रहे स्लीपर बदलने का कार्य में तेजी लाने का निर्देश वरीय मंडल अभियंता प्रदीप कुमार को दिया। निर्देश के बाद छह घंटे में रेल कर्मी और मशीन के जरिये 2715 स्लीपर कोडरमा से हीरोडीह के बीच बदल दिया गया। अभी तक वेस्टर्न रेलवे का रिकॉर्ड है वो मेगा ब्लॉक में 2300 स्लीपर बदलने का रहा है और भारतीय रेलवे में एक नया अध्याय कोडरमा जंक्शन ने प्राप्त किया है।
इस कार्य के लिए ट्रेन के चालक एवं पीडब्लूवाई को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है। इधर रेलवे के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक सह पीआरओ मोहम्मद इकबाल ने बताया कि एक मिनट में 12 स्लीपर लगाये जाते हैं और एक किमी में 1660 स्लीपर लगतेे हैं।
ढाई घंटे के ब्लॉक में 600 से 700 स्लीपर बदलने का कार्य होता है।
वहीं वरीय मंडल अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि स्लीपर बदलने का कार्य रेल मंडल के प्रधानघंटा से हजारीबाग रोड, कोडरमा, पहाडपुर और गुरपा के बीच 400 किमी में 80 किमी बदलना है। इस कार्य को तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 2715 स्लीपर बदलने का कार्य जो किया गया वो एक दिन में पूरा हुआ। जबकि यह कार्य पांच दिनों में पूरा होता। यह संयोग भी था कि रेल ट्रेन स्लीपर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थे और एक नया इतिहास रचा गया।









