सिरसा: पैकेजिंग एंड डिस्पोजल एसोसिएशन ने उपायुक्त को सौंपा राज्यपाल के नाम ज्ञापन

प्रधान हीरा लाल शर्मा ने कहा कि सरकार की कुछ गलत नीतियों के कारण छोटे व्यापारियों को तंग किया जा रहा है। पैकेजिंग व डिस्पोजल आईटम्स का हवाला देकर 25 से 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा रहा है और दुकानों पर पड़ा सामान नगर परिषद सिरसा व प्रदूषण विभाग के अधिकारियों द्वारा जबरदस्ती उठाया जा रहा है। यही नहीं जो अधिकारी व्यापारियों को नाजायज तंग कर रहे हैं, वो स्वयं भी भ्रष्टाचार के आरोपों में संलिप्त है। नगर परिषद आज भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। व्यापारियों द्वारा उपरोक्त डिस्पोजल व अन्य सामान सरकार को 18 प्रतिशत जीएसटी भरकर लाया जा रहा है।

उन्होंने कहा है कि सरकार जब अपने सरकारी कार्यक्रमों में डिस्पोजल का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रही है, तो आम जनता पर कुठाराघात किसलिए किया जा रहा है। जब कारपोरेट हाऊस को सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रयोग करनेकी अनुमति है, जैसे वीटा, कुरकरे, लेज, सरस, वेरका, रिलायंस के उत्पाद जैसे अनेक निजी व सरकारी संस्थाओं पर प्लास्टिक व डिस्पोजल यूज करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

इसलिए व्यापारियों की मांग ह कि सरकार उन्हें नाजायज तंग करने की बजाय फैक्ट्रियों को बंद करे। इस मौके पर करियाणा एसोसिएशन के प्रधान सतीश शर्मा, परमानंद कक्कड़, वेदभूषण गर्ग, कुलर व इलैक्ट्रोनिक्स एसोसिएशन के प्रधान शशिकांत रोहिल्ला, दिनेश वधवा, गुड़-खांड शक्कर एसोसिएशन के प्रधान सुभाष शेरपुरा, अंजनी कनोडिया, कंवलजीत सिंह, सुमित गुप्ता, उमंग मेहता, विक्की फुटेला, विजय गुंबर आदि मौजूद थे।