फिर शुरू होगा तेज बारिश का नया दौर, मंगलवार को धीमा रहा
मौसम विभाग के अनुसार जयपुर, उदयपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, दौसा, झुंझुनूं, बारां, अलवर, सवाईमाधोपुर और भरतपुर सहित कुछ अन्य जगहों पर बारिश दर्ज की गई। इस साल का मानसून राजधानी पर मेहरबान रहा है। अब तक जयपुर में औसत से 73 फीसदी ज्यादा बरसात यानी 772.74 मिमी. बारिश हो चुकी है।
पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी भागों में फिर शुरू होगा तेज बारिश का दौर
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है इसके आगामी 24 घंटों में पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढऩे की संभावना है। राज्य के उत्तरी भागों व हरियाणा के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी भागों में 3 सितंबर से पुन: भारी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। 3-4-5 सितंबर को कोटा, उदयपुर, अजमेर व भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी, अतिभारी बारिश होने की संभावना है। जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी 5 से 7 सितंबर को बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने व दक्षिणी भागों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।
सोमवार को सबसे ज्यादा बारिश दौसा में 177 मिमी दर्ज की गई। जयपुर रात में बरसा दो इंच पानी, धूप खिलने से 4 डिग्री बढ़ा पारा जयपुर में सोमवार रात रुक-रुक बारिश का दौर चला। रातभर में जयपुर में दो इंच से ज्यादा पानी बरसा। इससे खेत खलिहानों में पानी भर गया। नदी-नालों में भी पानी की आवक बढ़ गई। गोनेर के पास बिशनपुरा गांव का कच्चा बांध टूट गया। मंगलवार को बादलों के बीच धूप खिली। इससे दिन के पारे में चार डिग्री से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जयपुर का अधिकतम तापमान 32.3 और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री दर्ज किया गया।
बारिश के चलते बीसलपुर बांध में पानी की आवक लगातार बढऩे लगी है। बीसलपुर बांध के चार गेट खोलकर 36060 क्यूसेक पानी की निकासी जा रही थी। वर्तमान में बीसलपुर बांध के 8 और 11 नम्बर गेट 1 और 9 और 10 नम्बर गेट 2 मीटर खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। वर्तमान में त्रिवेणी नदी 4.50 मीटर पर बह रही है।









