जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास की भावना को सुदृढ़ करते हैं खेल : केवल पठानिया
इस अवसर पर केवल सिंह पठानिया ने कहा कि खेल व्यक्ति के जीवन में अनुशासन, संघर्ष और आत्मविश्वास की भावना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने कहा कि बैडमिंटन जैसे खेलों से युवाओं में न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि मानसिक विकास और सकारात्मक सोच को भी बल मिलता है।
उन्होंने खिलाड़ियों से आहवान किया कि वे खेल को केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न रखें, बल्कि इसे जीवन का हिस्सा बनाकर आगे बढ़ें। सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ खिलाड़ियों को लेना चाहिए।
केवल सिंह पठानिया ने अपनी ऐच्छिक निधि से बैडमिंटन एसोसिएशन को 11 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि खेल भावना से ही नेतृत्व करने की क्षमता भी जागृत होती है। उन्होंने कहा कि वे अपने छात्र जीवन के दौरान हॉकी के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी रहे हैं।
इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में सब-जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों ने भाग लिया।









