जॉर्ज एवरेस्ट पर राज्य सरकार ने शीघ्र पुनर्विचार नहीं किया तो कांग्रेस करेगी जनआंदोलन- करन माहरा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने पार्टी मुख्यालय में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि किसी निजी व्यक्ति अथवा संस्था को जॉर्ज एवरेस्ट को सौंपना उत्तराखंड की जनता और उनके सांस्कृतिक अधिकारों के साथ विश्वासघात है। यह मसूरी का प्रमुख पर्यटक स्थल है, जहां लोग प्राकृतिक सौन्दर्य, इतिहास और जॉर्ज एवरेस्ट के योगदान को नजदीक से देखने आते हैं। यह स्थल न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन और ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भी अपनी पहचान रखता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र इस निर्णय को वापस ले और जॉर्ज एवरेस्ट को जनता की अमानत के रूप में सुरक्षित रखे। जॉर्ज एवरेस्ट केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर है, जिसका संरक्षण और संवर्धन सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट की देखरेख और रखरखाव पर सरकार ने लगभग 23 करोड़ खर्च किए हैं, लेकिन इसे केवल एक करोड़ वार्षिक की दर से 15 साल की लीज पर सौंप दिया गया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि बाबा रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण से जुड़ी कंपनियों को 142 एकड़ मूल्यवान हेरिटेज भूमि मात्र एक करोड़ वार्षिक किराये पर दी गई है, जबकि इसकी बाजार कीमत लगभग 30 करोड़ से अधिक है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कानून व्यवस्था के मामले में उत्तराखंड अपराध दर में ऊंचे स्थान पर है और लगातार अपराध की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। प्रति लाख जनसंख्या पर 77 अपराध दर्ज हुए हैं, जो राष्ट्रीय औसत 65 से अधिक है।
उन्होंने भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल के होमस्टे पर चल रही पार्टी पर भी सवाल उठाया है। कहा कि होमस्टे नियमावली का उल्लंघन, प्रतिबंधित मादक पदार्थों का सेवन और जांच में अधिकारियों पर दबाव की शिकायत गंभीर है। कांग्रेस दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करती है।









