आदिशक्ति प्रदर्शनी में दिखी मां दुर्गा की विविध छवियां

यह दृश्य शनिवार को बक्शीपुर स्थित मंदिर के सभागार में दिखा। जहां पुरवाई कला एवं श्रीचित्रगुप्त मंदिर सभा की महिला समिति की ओर से आयोजित दो दिवसीय चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन गोवि की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, विशिष्ट अतिथि प्रो. शिवशरण दास, दूरदर्शन केंद्र के कार्यक्रम प्रमुख मोहन यादव, प्रो. निशा जायसवाल एवं राजेश चंद्रा एवं संस्थाध्यक्ष ममता श्रीवास्तव ने मां की आरती एवं दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों ने प्रदर्शनी के कैटलाग का लोकार्पण अवलोकन किया। इसके पूर्व संस्थाध्यक्ष ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। संयोजक अनिता श्रीवास्तव ने प्रदर्शनी के उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया।

मुख्य अतिथि पूनम टंडन ने कहा कि “आज की युवा पीढ़ी भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को जिस खूबसूरती से कला के माध्यम से व्यक्त कर रही है, वह अत्यंत सराहनीय है।”

प्रो. शिव शरण दास ने कहा, “इस तरह की प्रदर्शनी न केवल कला को मंच देती हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनती हैं।” मोहन यादव ने कहा कि प्रदर्शनी में मां के विभिन्न रूपों का एक साथ दर्शन हुआ। मन अह्लादित है। ऐसे आयोजन जिसमें युवाओं के साथ ही वरिष्ठ कलाकार भी शामिल हैं। प्रो. निशा ने कहा कि संस्था हर बार अपने आयोजन में कुछ नया करती है। उन्होंने दो कलाकृतियों का विशेष रूप से उल्लेख किया। गोबर एवं ग्रह-नक्षत्रों के बीच देवी देवताओं के चित्र हर किसी को मोह रहा है। राजेश चंद्रा ने कहा कि मंदिर प्रांगण में मां में विभिन्न रूपों में प्रदर्शित चित्र हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। इसी क्रम में समिति की महिला सदस्यों ने मां के रूपों का गीतों के माध्यम से गुणगान किया। संचालन महामंत्री प्रेम नाथ ने, आभार ज्ञापन हृदया त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर राकेश, शबनम, वैशाली, रीता, अतुल, उमेश, अंकिता, प्रवीण, धर्मराज, विष्णु आदि मौजूद रहे।