अमरोहा निवासी ठेकेदार छविराम की आत्महत्या में आरोपित अधिवक्ता पर मुकदमा दर्ज
अमरोहा जिले के गांव नन्हेड़ा निवासी छविराम आर्य (46) मुरादाबाद के थाना मझोला क्षेत्र के कांशीरामनगर में रहते थे। यह मकान खंडहर हुआ तो वह परिवार के साथ अपनी बहन दुर्गेश कुमारी और बहनोई सतेंद्र कुमार के शाहपुर तिगरी स्थित मकान में रहने लगे थे। बहन और बहनोई यूपी पुलिस में सिपाही हैं और दोनों ही दूसरे जिले में तैनात हैं। पांच सितम्बर की रात छविराम ने तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
इस मामले में छविराम आर्य की पत्नी सुमन ने मझोला वसंत विहार निवासी जितेंद्र बहादुर उर्फ विक्की सोनी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने में केस दर्ज कराया है। जिसमें महिला ने बताया कि उसके पति ने ठाकुरद्वारा तहसील के मनकुआ मकसूदपुर में चार बीघा जमीन खरीदी थी। इस जमीन को लेकर जितेंद्र बहादुर से विवाद चल रहा है। जितेंद्र ने उसके पति छविराम आर्य और ससुर छोटेलाल के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसमें पति और ससुर को पुलिस ने जेल भेज दिया था। आरोपित ने जमीन पर कब्जा कर रखा है। जिससे छविराम आर्य परेशान रहते थे। उधर, जितेंद्र बहादुर का कहना है कि मेरे खिलाफ झूठा केस दर्ज कराया गया है। जमीन विवाद काफी पहले ही समाप्त हो चुका है।
मुरादाबाद के पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रणविजय सिंह का कहना है तेज सर्च करने के बाद जांच शुरू कर दी गई। है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।









