पलाश शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम 354 शिक्षकों ने लिया हिस्सा

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास के लिए मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना रहा। जिले के लगभग 360 बच्चे, जो मुंडारी, हो, संथाली या कुड़ुख जैसी स्थानीय भाषाएं बोलते हैं, उन्हें इस कार्यक्रम से सबसे अधिक लाभ मिलेगा। मातृभाषा में शिक्षा मिलने से बच्चे न केवल बेहतर समझते हैं, बल्कि आत्मविश्वास के साथ सवाल पूछते हैं और विचार भी साझा करते हैं।

प्रशिक्षण का प्रारूप इस प्रकार तैयार किया गया कि शिक्षक स्कूल में इसे तुरंत लागू कर सकें। पहले तीन दिन गणित शिक्षण पर केंद्रित रहे, जिसमें खेल, कहानियों और स्थानीय संसाधनों के माध्यम से बच्चों को गणित सिखाने की विधियों पर बल दिया गया।

अब तक यह कार्यक्रम केवल कक्षा एक और दो के लिए था, लेकिन इस वर्ष से कक्षा तीन को भी इसमें जोड़ा गया है। इससे बच्चों को लगातार तीन वर्षों तक मातृभाषा में मजबूत शैक्षणिक आधार प्राप्त होगा, जो विशेष रूप से ग्रामीण और जनजातीय समुदायों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

कार्यक्रम का संचालन लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) के सहयोग से किया गया।

प्रशिक्षण को सफल बनाने में एलएलएफ की केंद्रीय टीम से स्मृति मिश्रा, सीमा सिंह, राज्य की टीम से नीरज सिंह राणा, शैलेन्द्र अवस्थी, निशा गुप्ता, ब्रजेश, तथा जिला टीम से विवांशु कुमार, पूजा कुमारी पान, कमल लोचन प्रामाणिक, दीपक सांडिल, अहसान आलम और उषा कुमारी का विशेष योगदान रहा।