जींद : जहरीली खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती को अपनाएं किसान : रामनिवास आर्य
कुरुक्षेत्र गुरुकुल के अधिष्टा वेद प्रचारक रामनिवास आर्य ने बताया कि प्रत्येक किसान को जहरीली खेती छोड़ कर प्राकृतिक खेती को अपनाना चाहिए और इस तरीके के अभियान वह पूरे देश में चला रहे हैं। वरिष्ठ वेद प्रचारक महाशय जयपाल ने हवन करवाया और परमात्मा के आदेश वेद को पढऩे का प्रथम कर्तव्य बताया। इस मौके पर गुरुकुल की कन्याओं द्वारा गुरुकुल में व्यायाम योगासन स्तूप निर्माण, डंबल व लेजियम का प्रदर्शन किया गया।
गुरुकुल के प्रधान कपिल देशवाल व उप प्रधान मा. आजाद ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। गुरुकुल की प्रधानाचार्य ज्योति ने अपने गुरुकुल की सभी गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि गुरुकुल में हर रोज हवन व योग होता है तथा यह सभी विद्यालयों में अनिवार्य होना चाहिए। आज देश में लाखों बीमार व निराश लोगों को योग व प्राणायाम से नया जीवन मिला है।
अमेरिका जैसे विकासशील देशों में दवाओं व नशे पर लाखों लोग बहुत भारी खर्च करते थे लेकिन अब भारतीय योग पद्धति को अपना कर लाखों लोग दवाओं व नशे से मुक्त हो चुके हैं। योग व प्राणायाम करते समय शरीर से जो ऊर्जा उत्पन्न होती है। प्रतिदिन योग करने से शारीरिक फिटनेस, लचीलापन और मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है। तनाव और चिंता कम होती है। मानसिक स्पष्टता और फोकस बेहतर होता है। बेहतर नींद आती है। हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है और रक्तचाप नियंत्रित होता है।









