नेरचौक मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर बनने का सपना पूरा करेगी रेशमा

शमा ने बताया कि यह सफलता लगातार मेहनत और धैर्य का परिणाम है। उसने संदेश दिया कि गाँव की बेटियाँ भी सपने देख सकती हैं और उन्हें पूरा करने की क्षमता रखती हैं। रेशमा की उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। रिश्तेदारों, पड़ोसियों और शिक्षकों ने उसे बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

रेशमा का सपना है कि वह पढ़ाई पूरी करने के बाद एक सक्षम डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करे। उसका कहना है कि वह विशेषकर ग़रीब और ज़रूरतमंद लोगों के इलाज के लिए हमेशा उपलब्ध रहना चाहती है। रेशमा ने अपने माता-पिता और शिक्षकों को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। उसने कहा कि माता-पिता ने हर परिस्थिति में उसे हौसला दिया और शिक्षकों ने सही दिशा दिखाकर हमेशा मार्गदर्शन किया