संशोधित परिणाम से पूर्व में चयनित शिक्षक प्रभावित नहीं- हाईकोर्ट

अपील में अधिवक्ता हरेन्द्र नील ने अदालत को बताया कि अपीलार्थी तृतीय श्रेणी लेवल 2 शिक्षक भर्ती-2022 में चयनित हुए थे। वहीं बाद में भर्ती की लिखित परीक्षा के कुछ प्रश्नों को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने विशेषज्ञ कमेटी गठित तक विवादित प्रश्नों की जांच करने को कहा। एकलपीठ ने कहा कि संशोधित परिणाम में यदि कोई बाहर होता है तो उसे नियुक्ति नहीं दी जाए। इसकी पालना में कर्मचारी चयन बोर्ड ने गत 27 जनवरी को संशोधित परिणाम जारी कर दिया। जिसमें अपीलार्थी मेरिट से बाहर हो गए। एकलपीठ के इस आदेश को चुनौती देते हुए कहा गया कि संशोधित परिणाम में यदि पूर्व में चयनित अभ्यर्थी बाहर होता है तो उसे उसी स्थिति में हटाया जा सकता है, जब उसने धोखाधडी, कदाचार या गलत बयानी आदि के चलते नियुक्ति ली हो। अपीलार्थियों का कर्मचारी चयन बोर्ड ने ही चयन कर नियुक्ति दी थी। यदि संशोधित परिणाम जारी हुआ है तो इसमें चयन बोर्ड की गलती है, न की अपीलार्थियों की। ऐसे में बोर्ड की गलती की सजा अपीलार्थियों को नहीं दी जा सकती। अपील में यह भी कहा गया कि एकलपीठ ने उनका पक्ष सुने बिना ही उनके खिलाफ आदेश पारित किया है। सुप्रीम कोर्ट भी तय कर चुका है कि यदि परीक्षार्थी की गलती के बिना संशोधित परिणाम जारी होता है तो पूर्व में चयनित परीक्षार्थी को सेवा से हटाया नहीं जा सकता। ऐसे में एकलपीठ के आदेश को रद्द किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने पूर्व में चयनितों को हटाने पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि संशोधित परिणाम के बाद पूर्व में चयनित करीब 1235 शिक्षकों को हटाया गया था।