आपदाग्रस्त क्षेत्रों का भूगर्भीय निरीक्षण
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि मा. मुख्यमंत्री जी के निर्देश के क्रम में शासन से समिति गठित करने हेतु अनुरोध किया गया था, जिस पर भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के तीन विशेषज्ञों की समिति का गठन किया था। समिति में डॉ. अमित गौरव (उप निदेशक/भूवैज्ञानिक), डॉ. कृष्ण सिंह सजवाण (सहायक भूवैज्ञानिक) तथा रुचि गोदियाल (प्राविधिक सहायक-भूविज्ञान), भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग शामिल थे। समिति ने आपदा प्रबन्धन विभाग, पौड़ी के साथ समन्वय स्थापित कर निरीक्षण कार्य सम्पन्न किया। डॉ. अमित गौरव ने बताया कि अधिकतर क्षति तीव्र ढ़ाल, जल स्रोत, नाले, गदेरों के समीपवर्ती स्थानों, गैप वाली चट्टानों एवं मिट्टी की मोटी परत वाले क्षेत्रों में हुई है। इन स्थानों पर आवासीय भवन, कृषि भूमि एवं पहाड़ी ढालों को अतिवृष्टि से भारी नुकसान पहुंचा है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा, संरक्षा एवं पुनर्वास संबंधी विस्तृत रिपोर्ट उत्तराखण्ड शासन, जनपद पौड़ी प्रशासन एवं आपदा प्रबन्धन विभाग पौड़ी को प्रेषित की जाएगी।









