हरतालिका तीज आज, सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र के लिए करेंगी व्रत

ऐसी मान्यता है कि, माता पार्वती ने कठोर तप करके इस दिन भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। तभी से सुहागिन स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु और वैवाहिक सुख की कामना से यह व्रत करती हैं। जिले के रामानुजगंज के पंडित ददन पाण्डेय के अनुसार, ज्योतिष दृष्टि से इस बार यह तीज अत्यंत शुभ मानी जा रही है क्योंकि कई ग्रहों के संयोग से विशेष योग बन रहे हैं, जिससे आज के दिन का महत्व और भी बढ़ गया है।

मान्यता अनुसार, हरतालिका तीज व्रत पति की लंबी आयु, वैवाहिक सुख और कन्याओं को योग्य पति की प्राप्ति का व्रत है। साथ ही कुंवरी कन्याएं शिव जैसा पति प्राप्त करने के लिए हरतालिका तीज का व्रत करती हैं। इस दिन गौरी शंकर की पूजा अर्चना की जाती है और यह व्रत हस्त नक्षत्र में किया जाता है। हरतालिका तीज का व्रत निर्जला व्रत होता है अर्थात महिलाएं 24 घंटे से ज्यादा समय तक बिना पानी और भोजन के रहती हैं। इस व्रत की कठोरता ही इसे सभी व्रतों से अलग बनाती है।पंडित ददन पाण्डेय के अनुसार, हरतालिका तीज के दिन सुबह सूर्योदय 05:56 पर हुआ है। सूर्योदय से पूर्व ही सरगी ग्रहण करते हैं। इसमें व्रती महिलाएं दूध, फल, चाय, पानी, जूस आदि ग्रहण करके निर्जला व्रत का प्रारंभ करती हैं। पूरे दिन और अगले दिन सूर्योदय से पूर्व तक अन्न, जल आदि ग्रहण नहीं करती हैं। उन्हाेने बताया कि, हरतालिका तीज पर चार शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। आज पूरे दिन रवि योग रहने वाला है, इसके साथ ही साध्य योग, शुभ योग और पंचमहापुरुष योग भी बन रहा है। इन शुभ योग को ज्योतिष में अत्यंत प्रभावशाली योग माना गया है। ये योग जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर कर इच्छित फल देते हैं और बुद्धि, प्रतिष्ठा, सौभाग्य और सम्मान में वृद्धि करते हैं। इन शुभ योग में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सभी इच्छाएं की पूर्ति होती है।