विधानसभा सत्र मात्र डेढ़ दिन में समाप्त, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप

अनुपमा रावत ने कहा कि जनता उम्मीद करती है कि सरकार विधानसभा में उनके मुद्दों पर गंभीर बहस करे, लेकिन सरकार ने लोकतंत्र की मर्यादाओं को ताक पर रखकर सत्र को जल्दबाजी में खत्म कर दिया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ बताया। अनुपमा रावत ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों की समस्याओं पर चर्चा होनी थी, लेकिन सरकार ने विपक्ष को बोलने का मौका ही नहीं दिया। उनका कहना है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाना किसी भी सरकार के लिए उचित नहीं है।

वहीं, उत्तराखंड युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव तबरेज आलम ने भी सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहाकि विधानसभा सत्र में कई अहम मुद्दे रखे जाने थे, लेकिन सरकार ने उनसे बचने के लिए सत्र को समय से पहले समाप्त कर दिया। यह जनता से जुड़े सवालों पर बहस से भागने की मानसिकता को दर्शाता है।