डीजीपी ने डूंगरपुर के देवल में सीएलजी सदस्यों व आमजन से किया संवाद
जनसंवाद में ग्रामीणों और सीएलजी सदस्यों ने पुलिस कार्मिकों को गुजरात में आरजीएचएस कार्ड का लाभ न मिलने, युवाओं में नशे और जुए की बढ़ती प्रवृत्ति, विद्यालय समय में गश्त की जरूरत, रेलवे में महिला स्टाफ की नियुक्ति, हथियार लहराते बाइकर्स, नाबालिग चालकों और गोवंश तस्करी पर अंकुश लगाने जैसी मांगें उठाईं। इसके अलावा देवल और पुरानी जेल में नया थाना खोलने, बनकोड़ा में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सीसीटीवी लगाने का सुझाव भी दिया गया। वक्ताओं ने “ऑपरेशन संस्कार” और पुलिस अधीक्षक की कार्यप्रणाली की सराहना भी की। अपने संबोधन में डीजीपी शर्मा ने कहा कि जनसहभागिता शिविर से मिला फीडबैक पुलिस सुधार की आधारशिला बनेगा। उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री गंभीर हैं और “सशक्त नारी, जिम्मेदारी हमारी” अभियान अब डूंगरपुर में भी शुरू किया जाएगा।
डीजीपी ने घोषणा की कि डूंगरपुर की कालिका यूनिट 1 सितंबर से तीन माह का विशेष कार्यक्रम चलाएगी, जिसके तहत प्रतिदिन स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा कानून, राजकॉप सिटीजन एप और साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी जाएगी। इसी तरह “युवा सीएलजी कार्यक्रम” भी शुरू होगा, जिसके तहत 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवक-युवतियों को पुलिस से जोड़ा जाएगा और उन्हें कैरियर गाइडेंस सहित समाज सुधार की गतिविधियों में भागीदार बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस अब केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि समाज निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएगी। इसके तहत बच्चों के लिए लाइब्रेरी और खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जबकि स्टूडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता की भावना जगाई जाएगी।
इस अवसर पर उदयपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव, पुलिस मुख्यालय डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप और डूंगरपुर एसपी मनीष कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।









