नक्सलियों के खिलाफ अभियान में भारी मात्रा में हथियार, गोली सहित अन्य सामान बरामद
डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, एसपी राकेश रंजन, सीआरपीएफ के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से शुक्रवार को बताया कि पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा जिला में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का एरिया कमांडर अरूण उर्फ वरूण उर्फ निलेश मदकम को मुठभेड़ में मारने के बाद नक्सलियों में भगदड़ मची हुई है। कई नक्सलियों की घायल होने की सूचना एवं कई नक्सली दस्ता के संगठन को छोड़कर भाग खड़े हुए हैं।
डीआईजी ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के उग्रवादियों से आत्मसमर्पण करते हुए मुख्य धारा में जुड़ने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन अपने दस्ता सदस्यों के साथ कोल्हान/ सारंडा क्षेत्र में पुलिस एवं सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने तथा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए लगातार भ्रमणशील है। इस दस्ते पर प्रभावी कार्रवाई के लिए समय-समय पर प्राप्त सूचना के आधार पर झारखंड पुलिस, कोबरा, सीआरपीएफ एवं झारखंड जगुआर की ओर से लगातार अभियान संचालित किया जा रहा है।
डीआईजी ने बताया कि गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि प्रतिबंधित भाकपा (माओ) नक्सली संगठन के शीर्ष नक्सली अपने दस्ता के विभिन्न कमांडरों जैसे-रवि सरदार, जयकांत, अरूण, संदीप, शिवा, रिसीभ, अपटन, सनत, अमित मुण्डा, भुनेश्वर उर्फ सालुका कायम सोमवारी एवं अन्य सदस्यो के साथ स्वतंत्रता दिवस-2025 के अवसर पर कोल्हान क्षेत्र में कुछ बड़ी घटना कारित करने के लिए इकट्ठा हुए।
इस सूचना पर टीम क गठन कर अभियान चलाया गया। गोईलकेरा थानान्तर्गत दुगुनिया, पोसैता, तुम्बागाड़ा के आस-पास के जंगली-पहाड़ी क्षेत्र में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के नक्सलियों के साथ सुरक्षा बलों की मुठभेड़ हुई थी, जिसमें प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का एरिया कमांडर अरूण उर्फ वरूण उर्फ निलेश मदकम मारा गया था। उक्त मुठभेड़ के बाद आस-पास के क्षेत्रों में लगातार सर्च अभियान चलाया गया, जिस दौरान भारी मात्रा में हथियार, कारतूस एवं अन्य दैनिक उपयोग की सामान बरामद की गई।









