विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के आरोप से अधिवक्ता संजय सुयाल 6 वर्ष बाद हुए दोषमुक्त

उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में शुएब कुरेशी नाम के व्यक्ति ने 9 अगस्त 2019 को पुलिस कोतवाली रामनगर में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि अधिवक्ता संजय सुयाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से इस्लाम धर्म व मुस्लिम समुदाय को लक्षित कर आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग किया, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका उत्पन्न हुई।

इस पर सुयाल के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 295ए व सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम.2000 की धारा 67 के अंतर्गत अभियोग दर्ज किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने छह गवाहों-वादी शुएब कुरैशी, मौ. आकिब, आरक्षी अंजुम आरा, मौ. इमरान व अनूप सिंह और उप निरीक्षक जयपाल सिंह चौहान को परीक्षित कराया। लेकिन अदालत ने पाया कि यद्यपि आरोप की संभावना गवाहियों से झलकती है, परंतु अभियोजन संदेह से परे साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रहा। ऐसे में न्यायालय ने संजय सुयाल को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।