एक अक्टूबर से आयाेजित हाेने वाले स्वदेशी मेला के ब्रोशर विमोचन के साथ ही समिति का गठन

यह मेला केवल व्यापार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का मंच बनने जा रहा है। इसमें स्थानीय कलाकारों को प्रस्तुतिकरण का अवसर मिलेगा और बस्तर की पहचान स्वदेशी के वैश्विक विमर्श से सीधे जुड़ जाएगी। यह केवल आयोजन नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक अस्मिता और राष्ट्रीय स्वाभिमान का संगम है।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा स्वदेशी आज देश की प्रथम आवश्यकता है। हमें प्रयास करना चाहिए कि जीवन के हर क्षेत्र में स्वदेशी का उपयोग बढ़ाएं और राष्ट्र को मजबूत करें। विधायक किरण सिंह देव ने इसे आर्थिक युद्ध के खिलाफ देश का हथियार बताया। सीमा पर सैनिक लड़ते हैं, लेकिन आज देश के भीतर आर्थिक मोर्चे पर लड़ाई हमें लड़नी है। इसके लिए स्वदेशी अपनाना ही होगा।

महापौर संजय पाण्डे ने आयोजन को विकसित भारत 2047 के संकल्प से जोड़ा। उन्होंने कहा यह मेला न केवल व्यापार को दिशा देगा, बल्कि राष्ट्रहित और समाजहित को ध्यान में रखते हुए आर्थिक नीतियों को भी मजबूत करेगा। यह आयोजन बस्तर के उन कारीगरों और उद्यमियों के लिए वरदान साबित होगा, जिन्हें अब तक अपने उत्पादों को केवल स्थानीय बाजार तक सीमित रखना पड़ता था। मिट्टी, लकड़ी, लोहा, हस्तशिल्प, तांबे-पीतल की कला, बस्तर की बुनाई और आदिवासी उत्पाद इस मेले के माध्यम से पूरे देश में पहचान बनाएंगे।

आयोजन में मंत्री केदार कश्यप, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण सिंह देव, बेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, महापौर संजय पाण्डे, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, प्रान्त संयोजक स्वदेशी जागरण मंच जगदीश पटेल, प्रांत संपर्क प्रमुख सुब्रत चाकी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।

संपूर्ण आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए समितियों का गठन हुआ। जिसमें स्वागत समिति के अध्यक्ष श्याम सोमानी, सचिव संजय पाण्डे, संयोजक किशोर पारख, सह संयोजक लक्ष्मण झा, देवेन्द्र देवांगन महिला प्रमुख श्रीमती आशा डोडिया,सह महिला प्रमुख श्रीमती कल्पना शर्मा की घोसणा की गई।

इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के प्रान्त पूर्ण कालिक शंकर त्रिपाठी, एमआईसी सदस्य निर्मल पानीग्राही, सुरेश गुप्ता, राणा घोष, कलावती कसेर, त्रिवेणी रंधारी, श्वेता बघेल, योगेंद्र पांडे, संग्राम सिंह राणा, संजय विश्वकर्मा, आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंच संचालन अप्रतिम झा ने किया।