अतिवर्षा से 160 मकान क्षतिग्रस्त, 5 जनहानि व 2 पशुधन क्षति सहित 7 पुल-पुलिया का हुआ नुकसान
वर्तमान में बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही जनजीवन सामान्य हो रहा है। वहीं प्रभावित लोग अपने घर जा रहे हैं और जिला प्रशासन के द्वारा मैदानी अमले के जरिए अतिवर्षा से हुई क्षति का सर्वेक्षण करवाया जा रहा है। कलेक्टर श्री हरिस ने बताया कि अतिवृष्टि से हुई क्षति का आंकलन करने सहित नुकसान हुए सड़क एवं पुल-पुलिया सहित विद्युत लाईन और पेयजल पाईपलाईन का मरम्मत शुरू कर दिया गया है। जिससे आवागमन और बिजली-पेयजल आपूर्ति को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। सर्वे कार्य के दौरान चित्रकोट विधायक विनायक गोयल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे ।
कलेक्टर हरिस एस ने बताया कि जिले में अब अतिवृष्टि की स्थिति सामान्य हो रही है, और प्रभावितों को सहायता प्रदान करने के लिए पहल किया जा रहा है । जिले में इस अतिवर्षा से 11 ग्राम प्रभावित हुए, अतिवृष्टि से हुई क्षति का सर्वेक्षण जारी है। आरंभिक रूप से 5 जनहानि और 2 पशुधन की क्षति हुई है और 7 पुल-पुलिया का नुकसान हुआ है। प्रारम्भिक तौर पर 160 मकानों की क्षति हुई है, जिसमें 141 आंशिक तथा 19 मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिला प्रशासन द्वारा अतिवर्षा पीड़ितों के बचाव एवं राहत के लिए राज्य आपदा मोचन टीम सहित होमगार्ड के जवानों की त्वरित पहल के फलस्वरूप 67 पीड़ितों को बोट के जरिए बचाया गया। वहीं 6 लोगों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। प्रभवित क्षेत्रों में स्थापित राहत शिविरों के द्वारा 448 पीड़ितों को त्वरित मदद दी गई। जिला प्रशासन द्वारा वर्तमान में अतिवृष्टि प्रभावित इलाकों में क्षति का सर्वेक्षण करने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि प्रभावितों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत आवश्यक सहायता प्रदान किया जा सके। साथ ही अन्य मदद देने के लिए भी पहल किया जा सके।









