एनएसयूआई ने खेत में कुर्सी रखकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया
बुधवार को एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर खेत में कुर्सी रखकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। इन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसान जिस मिट्टी को पूजते है। कुछ नेता आज उसी मिट्टी की मेहनत का मजाक उड़ा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा कुर्सी में बैठकर रोपा लगाना दिखावटी प्रचार है। धान का खेत हमारी अस्मिता है। फोटोशूट की जगह नहीं। कुर्सी में बैठकर रोपा लगाना किसानों के खून-पसीने का अपमान है। एनएसयूआई खेत में उतरकर किसानों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुन रही है। वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष के नेता प्रचार की कुर्सी से नीचे उतरने को तैयार नहीं। छत्तीसगढ़ की अस्मिता को मत भूलिए। किसानों की पीड़ा को समझिए।
इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बताया कि अब तक उन्हें डीएपी खाद नहीं मिला है। गांव-गांव में व्यापारी कालाबाजारी कर रहे है। ब्लैक में खाद बेचा जा रहा है। प्रशासन और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। एनएसयूआइ ने मांग की है कि महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को किसानों से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। डीएपी खाद खाद की उपलब्धता तत्काल सुनिश्चित की जाएं एवं कालाबाज़ारी में शामिल दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएं। किसानों से जुड़ी हर योजना की जमीनी स्तर पर निगरानी की जाएं। केवल कागज और कैमरे पर नहीं।
इस प्रदर्शन के दौरान पारसमणि साहू, पोटियाडीह उपसरपंच राजीव गिरी गोस्वामी, प्रशांत शर्मा, तेजप्रताप साहू, उमेश साहू, गजेंद्र साहू, सुनील सिन्हा, सुदीप सिन्हा, हार्दिक साहू, समीर मानिकपुरी, माही साहू, पुणेश हिरवानी उपस्थित थे।









