जीरकपुर एनकाउंटर: जालंधर मर्डर आरोपी धराए, पुलिस पर कार-फायरिंग से मचा हड़कंप!

जालंधर में दस तारीख को एक युवक की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ मोहाली के जीरकपुर में पुलिस ने देर रात एक एनकाउंटर किया है। इस कार्रवाई में जालंधर पुलिस की सीआईए टीम और मोहाली पुलिस की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पुलिस पर कार चढ़ाने का प्रयास किया और फिर फायरिंग करके भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करके उन्हें पकड़ा लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों गौरव और आकाश के पैरों में गोली लगी है और उन्हें थाने से अस्पताल भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि हत्या के मामले की सख्त जांच जारी है।

इस मामले की शुरुआत दस तारीख को हुई, जब जालंधर के बस्ती शेख थाना क्षेत्र में एक लड़की की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के बाद से आरोपी फरार थे। सीआईए जालंधर की टीम को इस वारदात के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिससे उन्हें जीरकपुर के माइक्रो प्लाजा इलाके में आरोपियों की उपस्थिति का पता चला। पुलिस ने मिलकर एक ऑपरेशन चलाया और जब आरोपियों ने उनसे भागने की कोशिश की, तब पुलिस ने उन्हें घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में आरोपियों ने न केवल पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया, बल्कि उन पर फायरिंग भी की, जिसके चलते पुलिस को भी जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इसमें दोनों आरोपियों को गोलियाँ लगी और उन्हें मेडिकल सहायता के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने बताया कि गौरव और आकाश कई अपराधों में शामिल रहे हैं और वे अन्य वारदातों में भी कैसे शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि जीरकपुर क्षेत्र अपराधियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। इसके पीछे कई कारण हैं। यहाँ की भौगोलिक स्थिति बहुत सुविधाजनक है, क्योंकि एक तरफ पंजाब है, दूसरी तरफ हरियाणा और तीसरी ओर हिमाचल प्रदेश है, जिससे अपराधियों को भागने में मदद मिलती है। इलाके में बड़ी संख्या में फ्लैट्स हैं, जहाँ लोग किराए पर रहते हैं और यहां वर्किंग प्रोफाइल के लोग ज्यादा होते हैं, जिससे भी अपराधियों पर नजरें कम रहती हैं। कई बार मकान मालिक किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन भी कराना नहीं पसंद करते, जिससे सुरक्षा में कमी आती है।

पिछले एक साल में जीरकपुर से कई नामी अपराधियों को पकड़ा गया है, न केवल पंजाब पुलिस, बल्कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड की पुलिस ने भी यहां कई माफियाओं को दबोचने में सफलता पाई है। इस प्रकार, जीरकपुर में अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना आवश्यक हो गया है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। पुलिस अब इस दिशा में ठोस कदम उठाने की योजना बना रही है।