जमीन घोटाले में SDM गिरफ्तार: रायपुर ADM सस्पेंड, कलेक्टर्स को फील्ड में रहने का आदेश!

सोमवार की रात, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में लापरवाह और पद का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया गया। विशेष रूप से, ब्यावर जिले के रायपुर उपखंड अधिकारी गुलाब चंद वर्मा को निलम्बित कर दिया गया, जबकि तहसीलदार पुष्पेंद्र पांचाल को एपीओ करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में, बाड़मेर के रामसर उपखंड अधिकारी अनिल कुमार जैन और तहसीलदार अशोक कुमार मेघवाल को भी एपीओ किया गया। ज्ञात हो कि अनिल कुमार जैन पर पिछले साल दिसंबर में सीमा क्षेत्र में प्रतिबंधित भूमि बेचने का आरोप था।

मुख्यमंत्री शर्मा ने इस बैठक में स्पष्ट किया कि अधिकारियों की जिम्मेदारियों का सही पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। रायपुर एसडीएम और तहसीलदार पर कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप थे, जिसके चलते उनसे कार्रवाई की गई। शर्मा ने जिला कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से जनसुनवाई करें, ताकि आम जनता को अपनी समस्याएँ लेकर राजधानी नहीं आना पड़े। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे नियंत्रित करने के लिए एक विभागवार शेड्यूल तैयार किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बीपीएल (बॉटम लेवल पोवर्टी) परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के अंतर्गत पहले चरण में प्रत्येक जिले से 122 गांवों का चयन किया गया है। इस योजना के तहत, चिह्नित बीपीएल परिवारों को 21 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी और उन्हें आत्मनिर्भर होने के लिए विशेष कार्ड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। यह योजना सामाजिक और आर्थिक पैरामीटर्स के आधार पर लागू की जाएगी जिससे परिवार जल्दी से जल्दी इसका लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री शर्मा ने नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (एनएफएसए) पर भी ध्यान दिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नए आवेदनों, अपात्रों को हटाने और लंबित प्रकरणों की गंभीरता से समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का सही ढंग से परीक्षण किया जाना चाहिए और कोई भी कमी पाए जाने पर आवेदकों को सूचित करने की प्रक्रिया को लागू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, ग्राम विकास अधिकारियों और पटवारियों को आवश्यक दस्तावेज प्रदान करने के लिए भी निर्देश दिया गया।

अंत में, मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को भीषण गर्मी के दौरान लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले मानसून में जलभराव की समस्या को रोकने के लिए पूर्व में ही सभी आवश्यक प्रबंध किए जाने चाहिए। बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत और पुलिस महानिदेशक यूआर साहू सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। यह बैठक राज्य प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण निर्देशों का एक हिस्सा रही, जिसका उद्देश्य जन कल्याण को प्राथमिकता देना है।