भारत में घुसे बांग्लादेशी डकैत: जयपुर ज्वेलर की लूट, परिवार पर पाशविक अत्याचार!
**जयपुर में बांग्लादेशी डाकुओं द्वारा डकैती और गैंगरेप की सनसनीखेज वारदात**
19 सितम्बर 2014 की रात, जयपुर शहर के पॉश क्षेत्र चित्रकूट में एक बांग्लादेशी डाकू गिरोह ने एक ज्वेलर परिवार पर कहर बरपाया। उस समय शहर में पुलिस गश्त कर रही थी और सभी जगह सन्नाटा था। ज्वेलर परिवार इस खतरे से बेखबर अपने घर में सो रहा था, जबकि पुलिस के गश्ती वाहन आस-पास ही थे। दो घंटे तक चलने वाली इस घटना ने पूरे इलाके में आतंक फैला दिया। डाकू न केवल लूटपाट करने में सफल रहे बल्कि परिवार के एक सदस्य के साथ अत्याचार भी किया।
घटना की शुरुआत तब हुई जब डाकू पड़ोस के खाली प्लॉट से कूदकर ज्वेलर के घर में दाखिल हुए। उन्होंने रसोई की खिड़की को तोड़कर घर में घुसने का समय निकाला। ग्राउंड फ्लोर पर ज्वेलर के पिता को बंधक बनाकर उन्हें गंभीर चोटें दी गईं। इसके बाद बदमाशों ने ज्वेलर और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के साथ दुष्कर्म और लूटपाट की। इस दौरान परिवार ने अपने साथ हुए अत्याचार का विरोध किया, लेकिन बदमाशों ने उनके प्रति अत्यंत क्रूरता दिखाई।
ज्वेलर ने जब डाकुओं का विरोध किया, तो उन पर गहरी चोटें आईं और उनकी पत्नी को भी बंधक बनाकर गैंगरेप का शिकार बनाया गया। बदमाशों ने पूरे दो घंटे तक घर में आतंक फैलाए रखा और अंततः सुबह से पहले फरार हो गए। घटना का पता तब चला जब पीड़िता ने पड़ोसियों की मदद से पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्परता से मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज किया और तुरंत जांच शुरू की।
पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। अधिकारियों ने घटना के स्थल पर फॉरेंसिक साक्ष्य इकट्ठा किए और क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की। प्रारंभिक जांच में ही पुलिस को संदेह हुआ कि ये डाकू बांग्लादेशी अपराधियों का गिरोह हो सकता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल्स से लेकर आस-पास के सभी स्थानों पर छापे मारना शुरू किया।
इस वारदात ने जयपुर पुलिस को मजबूर कर दिया कि वे चार अन्य राज्यों में भी जांच करें। पुलिस की टीमें मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में अपराधियों की तलाश करने के लिए भेजी गई। जांच में यह भी पता चला कि कुछ बदमाशों को कुछ समय पहले जमानत पर रिहा किया गया था। अंततः यह साफ हो गया कि ये बांग्लादेशी डाकू जयपुर में पहले भी इसी प्रकार की वारदातों में शामिल थे।
इसके बाद पुलिस ने सभी संभावित सुरागों की जांच की और जल्दी ही आरोपी डाकुओं के बारे में आवश्यक जानकारी इकट्ठा करने में सफल हुई। इस मामले की गंभीरता और तात्कालिकता को देखते हुए पुलिस ने उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट करनी शुरू की, ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। आगे चलकर इस वारदात से जुड़े हर पहलु की गहन जांच के लिए एक बार फिर पुलिस की टीमें सक्रिय हुईं।
इस प्रकार हुई इस दरिंदगी ने Jaipur के लोगों के मन में भय उत्पन्न कर दिया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस ने कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया है। पुलिस की कड़ी मेहनत और तेजी से जांच के चलते उम्मीद की जा सकती है कि दोषियों को सजा मिलेगी। nästa पृष्ठ.









