पाकिस्तानी डॉन का धमाकेदार खुलासा: गैंगस्टर लॉरेंस और BJP के बीच गुप्त संबंध?
हाल ही में पुलवामा में हुए एक आतंकी हमले के बाद, कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी के बीच संघर्ष और बढ़ गया है। भट्टी ने इस मामले में लॉरेंस की आवाज़ की एक कॉल रिकॉर्डिंग जारी की है, जिसमें लॉरेंस के कथित मैसेज का उल्लेख किया गया है। हालाँकि, इस रिकॉर्डिंग की पुष्टि दैनिक भास्कर द्वारा नहीं की गई है। भट्टी ने आरोप लगाया है कि लॉरेंस को मानो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन प्राप्त है, और यह भी बताया है कि जब लॉरेंस को जेल में भेजा गया, तब भी उसे मोबाइल फोन आसानी से मिल जाता है।
भट्टी का कहना है कि हाल ही में लॉरेंस गैंग ने पाकिस्तान के आतंकवादी हाफिज सईद के खिलाफ हमला करने की योजना बनाई है। उन्होंने यह भी कहा है कि लॉरेंस ने सिद्धू मूसेवाला और महाराष्ट्र के एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या से जुड़े सबूतों को सार्वजनिक करने की धमकी दी है। भट्टी द्वारा जारी वीडियो में लॉरेंस की आवाज़ की रिकॉर्डिंग में यह सुनाई दिया जा रहा है कि लॉरेंस ने रिमांड पर होने के दौरान अपने अनुभव साझा किए हैं।
भट्टी ने लॉरेंस की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक अपराधी को रिमांड पर रखने के बाद भी उसे जेल में मोबाइल फोन कैसे मिल जाता है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह लॉरेंस को पूरा समर्थन दे रही है, ताकि वह अपने खतरनाक कामों को अंजाम दे सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि लॉरेंस जैसे लोगों को जेल में आसानी से सुविधाएं मिल रही हैं, तो यह जताता है कि पुलिस और सरकार आपसी में मिलकर काम कर रहे हैं।
भट्टी ने मूसेवाला के परिवार से भी अपील की है कि वे सरकार से यह पूछें कि लॉरेंस को जेल में मोबाइल कैसे मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान की बात आएगी, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और उनके देश के खिलाफ किसी भी तरह की टिप्पणी सहन नहीं की जाएगी। भट्टी ने जिम्मेदारियों से बचने के लिए भाजपा पर भी आरोप लगाए हैं कि वह लॉरेंस जैसे अपराधियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
लॉरेंस और भट्टी का यह झगड़ा हमें यह बताता है कि कैसे आपसी प्रतिशोध और राजनीति ने इस तरह की आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है। पिछले दिनों, लॉरेंस ने अपने गैंग के जरिए एक खुले धमकी भरे पोस्ट में कहा था कि वह पहलगाम हमले का बदला लेने की योजना बना रहा है। उसके जवाब में, भट्टी ने उसे चुनौती देते हुए कहा कि वह एक भी व्यक्ति को नहीं मार सकता, भले ही पाकिस्तान की बात हो।
यह विवाद न केवल भारतीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे इंटरनेशनल आपराधिक नेटवर्क और आतंकवाद एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इस मामले में दोनों पक्षों के दावों और आरोपों की तहकीकात की आवश्यकता है, ताकि इस खतरे को समय रहते समझा जा सके।









