वाराणसी में संकटमोचन मंदिर महंत के घर से करोड़ों के हीरे-सोने चोरी! CCTV जांच जारी
वाराणसी के संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विशंभर नाथ मिश्रा के आवास पर हाल ही में एक गंभीर चोरी की घटना घटित हुई है। इस घटना में चोरों ने महंत के तुलसीघाट स्थित घर के दूसरे तल से लाखों रुपये के जेवरात और नगद चुरा लिए। रिपोर्ट के अनुसार, चोरी की यह घटना दोपहर के समय हुई थी, जब दो अज्ञात चोरों ने घर में घुसकर हीरे, सोने और चांदी के कीमती गहनों के साथ-साथ 3 लाख रुपये की नकद राशि भी चोरी कर ली। यह घटना सोमवार को हुई जब महंत दिल्ली से लौटे। महंत के कर्मचारी सूरज जब सुबह कमरे की सफाई करने आया तो उसने दरवाजे की कुंडी खुली पाई, जिससे चोरी का पता चला।
महंत जब दिल्ली से अपने घर लौटे, तब उन्होंने देखा कि कमरे का सामान अस्त-व्यस्त है। एक अलमारी टूटी हुई थी और दूसरी खुली पड़ी थी। इस मामले की जानकारी मिलने पर महंत के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार पांडेय ने भेलूपुर थाने में चोरी की तहरीर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और पूरे आवास की जांच की। सीसीटीवी कैमरे ने चोरों को कैद कर लिया था, जिसमें दो युवक मुंह बांधे और झोला लिए हुए नजर आए।
चोरी में महंत की पत्नी आभा मिश्रा के कीमती गहनों के गायब होने की आशंका जताई जा रही है। आभा मिश्रा के मुताबिक, चुराए गए गहनों में दादी द्वारा दी गई चार चूड़ियाँ, सोने के कड़े, डायमंड सेट, पन्ना सेट और कई अन्य महंगे जेवर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, चोरी के दौरान चोरों ने महंत के मंदिर में चढ़ाए गए पैसे को भी अपने साथ ले लिया। इस चोरी की घटना ने महंत के परिवार में चिंता और हड़कंप मचा रखा है।
पुलिस ने इस मामले में पहले से काम कर रहे कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह जताया है। महंत के आवास पर पहले भी चोरी की घटनाएँ हो चुकी हैं, जिसमें 2010 में तुलसीदास द्वारा लिखी गई पांडुलिपि भी चोरी हो गई थी, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया था। इस चोरी की घटना के बाद पुलिस ने कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि वे विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रहे हैं और जल्द ही इस मामले का खुलासा करने का प्रयास करेंगे।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में चोरों की गतिविधियाँ स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड की गई हैं, जिससे पुलिस को उनके पहचान में मदद मिलेगी। वाराणसी की यह घटना न केवल धार्मिक समुदाय के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़े सवाल का विषय बन गई है कि ऐसे महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा के उपाय कितने जूनून के साथ उठाए जा रहे हैं।









