कानपुर: जूता फैक्ट्री वाली इमारत में आग, पूरा परिवार जिंदा जला!
कानपुर के प्रेम नगर स्थित एक 4 मंजिला इमारत में रविवार रात को लगने वाली भीषण आग ने एक परिवार को चिरनिद्रा में सुला दिया। इस आग की लपटों ने एक ही परिवार के पांच लोगों को अपनी चपेट में लिया, जिनमें मां, पिता और उनकी तीन बेटियां शामिल थीं। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की 20 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और रेस्क्यू ऑपरेशन का काम प्रारंभ हुआ, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग की तीव्रता इतनी भयावह थी कि करीब 7 घंटे की मेहनत के बाद भी इसे पूरी तरह से बुझाने में दिक्कत आई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सबसे पहले इमारत के बेसमेंट में लगी, जिसके बाद यह तेजी से ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई। इस अग्निकांड के दौरान तीन विस्फोट भी सुनाई दिए, जिसके कारण आग और भड़की। पुलिस ने बताया कि तीसरी मंजिल पर फंसे कुछ लोगों को समय रहते बचा लिया गया, लेकिन चौथी मंजिल पर रह रहे परिवार के सदस्य नहीं निकल पाए। मृतकों की पहचान मां नाजमी सबा (42), पिता मोहम्मद दानिश (45) और उनकी तीन बेटियों, सारा (15), सिमरा (12) और इनाया (7) के रूप में हुई है।
आग लगने के समय दानिश के पिता, अकील, बाहर आ गए थे और उन्होंने अपने बेटे को फोन किया, जिससे पता चला कि दानिश ने एक बार ‘हैलो’ कहा, लेकिन इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। पड़ोसियों के अनुसार, आग लगने की सूचना पर दानिश ने एक बार नीचे आने की कोशिश की, लेकिन बाद में वह परिवार के पास वापस लौट गया, जहां आग ने उन्हें फंसा लिया।
दमकल की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर तेजी से राहत कार्य प्रारंभ किया, लेकिन आग के कारण निकला धुआं फायर फाइटर्स के लिए एक बड़ा चुनौती बन गया। जूते के कारखाने में मौजूद डेंड्राइड केमिकल और पेट्रोल का मिश्रण आग को और भड़का रहा था। इस कारण, अग्निशामकों को और भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में, पुलिस ने पड़ोसी इमारतों को भी खाली करवाया और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया।
इस घटना में प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम भी मौके पर पहुंची। अधिशासी अधिकारी, एडीसीपी और महापौर ने घटना का जायजा लिया। आग ने न केवल पांच जिंदगियां ले लीं बल्कि एक पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया। स्थानीय लोगों में दुख एवं शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुःखद घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आग लगने से संबंधित घटनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
इस हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों की गंभीरता को उजागर किया है, और यह आवश्यक हो गया है कि नगर निगम और संबंधित विभाग अपने सुरक्षा उपायों को और अधिक मजबूत करें ताकि मानव जीवन की रक्षा हो सके। ऐसी घटनाएं समाज के लिए एक चेतावनी हैं और हमें हर संभव उपाय करना चाहिए कि लोग सुरक्षित रहें।









