जावेद अख्तर का खुलासा: सलीम खान से जोड़ी टूटने पर क्यों किया अमिताभ बच्चन से 10 साल का परहेज?
जावेद अख्तर और सलीम खान की जानी-मानी लेखन जोड़ी ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। उनकी लिखी फिल्म “जंजीर” ने अमिताभ बच्चन को स्टार बना दिया। इसके बाद उन्होंने अगली अनेक सफल फिल्मों जैसे “शोले”, “दीवार” और “डॉन” में भी बच्चन के लिए कहानी तैयार की। लेकिन जब यह जोड़ी टूटी, तब जावेद अख्तर ने अभिताभ बच्चन के साथ अगले 10 वर्षों तक काम नहीं किया। यह विवाद हाल ही में जावेद अख्तर ने एक इंटरव्यू में साझा किया, जिसमें उन्होंने इसके पीछे की कहानी को विस्तार से बताया।
जुड़वाँ लेखक जावेद अख्तर से मिड डे ने अमिताभ बच्चन की फिल्म “मिस्टर इंडिया” के बारे में चर्चा की। जावेद ने बताया कि प्रमोद चक्रवर्ती ने एक फिल्म की योजना बनाई थी, जिसमें अमिताभ लीड रोल के लिए तय किए गए थे। लेकिन उनकी शूटिंग यूरोप में चल रही थी, और उन्हें मुहूर्त के लिए अपनी आवाज रिकॉर्ड करनी थी। जब उन्होंने अपनी आवाज भेजी, तो जावेद को एक विचार आया कि क्यों न अदृश्य आदमी की कहानी के लिए अमिताभ बच्चन की आवाज का उपयोग किया जाए। इससे उन्हें मौका मिला कि वे डेट्स के लिए दबाव में नहीं रहेंगे। इसी प्रकार से “मिस्टर इंडिया” का विचार सामने आया।
हालांकि, जावेद ने यह भी बताया कि जब उनकी और सलीम की जोड़ी अलग हुई, तो माहौल ठंडा हो गया। लोगों को यह समझने में कठिनाई हुई कि जावेद ने अमिताभ के साथ काम नहीं किया, जिससे यह धारणा बनी कि उनकी जोड़ी टूटने का कारण बच्चन थे। इसीलिए, जावेद ने लगभग एक दशक तक अमिताभ के साथ काम नहीं किया, जबकि उनके पास कई प्रस्ताव थे। उन्होंने आधारभूत मंशा से इनकार कर दिया कि वे किसी के समर्थन से सलीम खान से रिश्ते को तोड़ने का आरोप न झेलें।
दरअसल, सलीम-जावेद को “मिस्टर इंडिया” में अमिताभ को लीड रोल में लेने का बहुत मन था, लेकिन अमिताभ ने इससे मना कर दिया। उनके इस निर्णय से सलीम-जावेद के बीच संबंधों में तनाव बढ़ गया। जावेद अख्तर ने एक होली पार्टी में अमिताभ से मिलकर यह स्पष्ट कर दिया कि अब वे उनके साथ काम नहीं करेंगे। हालांकि, सलीम यह बात सुनकर निराश हुए। इससे दोनों के कार्य संबंध और भी बिगड़ गए और उन्होंने एक साथ कभी काम नहीं किया। 1982 में इस जोड़ी का औपचारिक रूप से अंत हुआ, जबकि उनकी दोस्ती आज भी बरकरार है।
इस दिलचस्प कहानी को जर्नलिस्ट अनिता पध्ये ने अपनी मराठी पुस्तक “यही रंग यही रूप” में लिखा है। इसके बाद, बोनी कपूर ने “मिस्टर इंडिया” की कहानी को उठाया और फिल्म को प्रोड्यूस किया, जिसमें अनिल कपूर को श्रीदेवी के साथ लीड रोल मिला। अमिताभ के पहले फिल्म से इनकार करने के बावजूद, “मिस्टर इंडिया” एक सुपरहिट साबित हुई और अनिल कपूर को एक नई पहचान दिलाई। इस प्रकार, सलीम-जावेद की जोड़ी के टूटने की कहानी सिर्फ एक विवाद नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के सफर का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गई है।









