42 जिलों में बारिश, पंजाब-हरियाणा में तापमान गिरावट की संभावना; 20 राज्यों में अलर्ट!
मौसम विभाग के द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, आज देश के 20 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी राज्यों में भी तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश के 24 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राजस्थान के 18 शहरों में भी बरसात की आशंका है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 12 मई तक मौसम में ठंडक बनी रह सकती है। पंजाब में अगले तीन दिनों के दौरान आंधी-बारिश होने की संभावना है, साथ ही हरियाणा के 12 जिलों में भी इसी तरह के मौसम का अनुमान लगाया गया है।
पूर्वोत्तर राज्यों में चलने वाली हवाओं की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे के आसपास रहने की उम्मीद है, लेकिन वहां बारिश केवल कुछ सीमित जिलों में ही संभव होगी। वहीं, जब शुक्रवार को मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश हुई, तो इससे तापमान में कमी आई। हालांकि, पंजाब और हरियाणा में दिन भर बादल छाए रहे और आंधी आई, लेकिन मौसम में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और गोवा में भी रुक-रुककर बारिश हुई, जैसा कि महाराष्ट्र और गुजरात के कई जिलों में सुबह से ही तेज हवाओं के साथ बारिश की जानकारी मिली है। अगले तीन दिनों में भी बारिश की उम्मीद की जा रही है।
एक और महत्वपूर्ण जानकारी क्लाइमेट ट्रेंड की रिपोर्ट में दी गई है, जिसमें बताया गया है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस का पैटर्न बदलता जा रहा है। विशेषकर हिमालय क्षेत्र में जनवरी और फरवरी में होने वाली बर्फबारी अब मार्च और अप्रैल में हो रही है। पिछले दो वर्षों में मार्च में सबसे ज्यादा स्नोकवर देखने को मिला है, जिससे हीटवेव का दौर भी कम हो रहा है। यह जानकारी जलवायु परिवर्तन पर अध्ययन करने वाली संस्था क्लाइमेट ट्रेंड द्वारा साझा की गई है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस को सर्दियों में पश्चिम से आने वाले तूफानों के रूप में परिभाषित किया जाता है। कुछ वर्ष पूर्व तक, नवंबर से फरवरी के बीच इनकी सक्रियता अधिक होती थी, लेकिन पिछले चार से पांच वर्षों में इनकी गतिविधियाँ जनवरी-फरवरी में लेकर मार्च और अप्रैल में बढ़ गई हैं। इस बदलाव से मौसम के पैटर्न में भी अंतर आया है, जिससे विभिन्न राज्यों में तापमान में गिरावट और बारिश का आंकड़ा बढ़ रहा है।
इस प्रकार, आगामी दो दिनों का मौसम अनिश्चितता का संकेत दे रहा है। यदि आप कहीं यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी लेना न भूलें। मौसम परिवर्तनशीलता के चलते हमें सतर्क रहना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा से बचा जा सके।









