पहलगाम हमले से पहले कश्मीर में पहुंची यूट्यूबर ज्योति, पाकिस्तान यात्रा की थी!
हरियाणा के हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, उसने हाल ही में कश्मीर और अन्य सीमावर्ती स्थलों का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान उसने उन जगहों की वीडियोग्राफी की, जो आतंकवादियों के लक्ष्य में रहती हैं, जैसे पहलगाम, गुलमर्ग, डल लेक, और लद्दाख की पैंगोंग झील। यह सब कुछ फिर एक चिंतनीय स्थिति में बदल गया जब यह बात सामने आई कि वह पैंगोंग एरिया, जो चीन की सीमा से सटा है, में भी गई थी। उसके कश्मीर यात्रा की टाइमिंग इस सन्दर्भ में चिंतनशील बन जाती है, कि क्या उसका उद्देश्य सिर्फ भ्रमण था या फिर अधिक गहरे इरादें थे।
ज्योति ने अपनी यात्रा के दौरान न सिर्फ कश्मीर बल्कि पंजाब और राजस्थान सीमाओं का भी दौरा किया। उसका यह कहना कि उसने अटारी-बाघा और थार के गांवों में रात बिताई, और वहां की महिलाओं से स्थानीय हालात के बारे में सवाल किए, इस बात का संकेत देता है कि वह सीमांत क्षेत्रों की जानकारी इकट्ठा करने में रुचि रखती थी। यहाँ तक की उसने बॉर्डर के पास चल रही फेंसिंग को भी अपने वीडियो में दिखाया, जिसमें वह कहती है कि एक बकरी अभी पाकिस्तान से आती दिखाई दी। इस प्रकार के कार्यों ने उसके इरादों पर सवाल उठाए हैं।
ज्यादा विश्वसनीयता की बात करें तो, हरियाणा पुलिस के संज्ञान में आया है कि पहलगाम हमले से दो महीने पहले ही वह पाकिस्तान गई थी। इस यात्रा के दौरान, उसने अपने यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवल विद जो’ पर पाकिस्तान के बारे में कई वीडियो भी अपलोड किए। उसके इस संदर्भ में दिए गए बयानों और वीडियो में उसका उत्साह स्पष्ट था, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसकी पाक यात्रा की योजना काफी पहले से थी। जब पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, तो उसने इसकी बजाय भारत सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, जो उसकी गतिविधियों की निष्पक्षता पर विचार करने की आवश्यकता को दर्शाता है।
ज्योति की गिरफ्तारी के बाद, सोशल मीडिया पर उसके सब्सक्राइबरों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई, जो उसके बारे में प्रचार करने की नयी प्रवृत्ति को दर्शाती है। लोगों ने उसे ट्रोल करना शुरू कर दिया, और कुछ ने उसे देशद्रोही भी करार दिया। ज्योति ने पहलगाम हमले के बाद कहा कि इसकी जिम्मेदारी सरकार और आम नागरिकों की है। वह इस बात पर जोर देती है कि यदि आतंकवाद का समर्थन कोई कर रहा है, तो वह भारतीय नहीं हो सकता।
इस मामले ने केवल ज्योति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा के दूसरे यूट्यूबर नवांकुर धनखड़ का भी उल्लेख हुआ है, जो कि हाल ही में हमारी निगाहों में आया है। देश की सुरक्षा और डिजिटल प्लेटफार्मों पर व्यक्तिगत सुरक्षा संबंधी मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ने की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में किसी भी तरह के असामाजिक तत्वों के द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं हो सके। इस पूरे प्रकरण में कई सवाल उठते हैं, जिनका उत्तर सिर्फ सरकारी कार्यवाही के माध्यम से मिल सकता है।









