आईसीए आर्ट गैलरी में देशभर की अनोखी कला की भव्य झलक, 23 कलाकारों का जलवा!
जयपुर एक बार फिर कला के समृद्ध रंगों से भरी हुई है। आईसीए आर्ट गैलरी और हाउस ऑफ हिडन ट्रेजर्स द्वारा आयोजित ‘रूह रंग’ पेंटिंग एवं स्कल्पचर ग्रुप आर्ट एग्जीबिशन का आगाज हुआ है। यह 10 दिवसीय कला प्रदर्शनी 11 मई 2025 तक होटल नारायण निवास पैलेस स्थित कनोटा कोर्टयार्ड में चलेगी। इस महोत्सव में देशभर के 23 प्रतिष्ठित आर्टिस्ट्स द्वारा बनाई गई 31 उत्कृष्ट कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया है, जिनमें फ्यूगरेटिव और समकालीन कला की विविध शैलियों की झलक देखने को मिल रही है। मशहूर आर्ट क्यूरेटर हेम राणा के कुशल निर्देशन में आयोजित इस प्रदर्शनी में कला के प्रति प्रेम और रुचि रखने वालों का विशेष उत्साह देखने को मिला।
इस प्रदर्शनी में भाग लेने वाले कलाकारों में पुणे से मनोज धारेकर और स्मृति जोशी, लखनऊ से तरन्नुम, मुंबई से मोनिका घुले, कोलकाता से प्रताप चंद्र चक्रवर्ती, राजस्थान के अमित कल्ला और रवि ठाकुर, मध्यप्रदेश की कुसुमलता शर्मा, मणिपुर से मीणा लेशराम और एस. प्रणाम सिंह, रांची से एस.आर. हेमब्राम, हैदराबाद की एल. सरस्वती, उड़ीसा के मानस रंजन जैना तथा हरियाणा के राम विरंजन शामिल हैं। इन सभी ने अपनी अद्वितीय रचनाओं के माध्यम से मानव जीवन, पशु-पक्षी, प्रकृति, शहरीकरण और ग्रामीण परिवेश जैसे विचारों को कैनवास पर उतारा है।
यह कला महोत्सव केवल एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि संवाद और समर्पण का एक बड़ा मंच है। सलोनी भंडारी, दिव्यानी सिंह और रिचा सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य देशभर के कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी कला और विचारों का आदान-प्रदान कर सकें। इससे यह भी सुनिश्चित होता है कि कला की विविधताएं और नई सोच एक दूसरे से मिलकर न केवल प्रगति करें, बल्कि एक संवाद का हिस्सा भी बनें।
इस अवसर पर जयपुर के प्रतिष्ठित नागरिकों, कला समीक्षकों और युवाओं की एक बड़ी संख्या ने भाग लिया, जो इस महोत्सव की गरिमा और महत्व को दर्शाता है। यह प्रदर्शनी न केवल कलाकारों के लिए बल्कि कला प्रेमियों के लिए भी एक अनोखा अनुभव है, जो उन्हें समकालीन कला की नई दिशाओं से परिचित कराती है। जयपुर में इस तरह के आयोजन न केवल शहर की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करते हैं, बल्कि नए कलाकारों और उनकी रचनात्मकता के लिए भी एक प्रोत्साहक का काम करते हैं।
कुल मिलाकर, ‘रूह रंग’ प्रदर्शनी कला के प्रति जुनून और उसकी विविधता के उत्सव के रूप में उभरकर सामने आई है, जो आने वाले समय में कला के क्षेत्र में नई विचारधाराओं और प्रयोगों को जन्म देगी। इस तरह के आयोजन कला के प्रति प्रेम बढ़ाने और एक साझा संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।









