आज की बड़ी खबरें: मंत्री पर मुकदमा, BSF जवान रिहा, अमेरिका-कतर का महाविशाल सौदा!

नमस्कार, कल की प्रमुख खबरें भारतीय संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण रहीं, विशेषकर भारत-तुर्किये के बीच के घटनाक्रम के साथ-साथ मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादास्पद बयान ने भी सुर्खियां बटोरीं। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मंत्री विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जो इस मुद्दे को और अधिक गरमा देती है।

सबसे पहले, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने तुर्किये की इनोनू यूनिवर्सिटी के साथ सहयोग को समाप्त करने का निर्णय लिया। JNU ने इस कदम को देश की प्राथमिकता के रूप में बताया है और लिखा है, “नेशन फर्स्ट, हम अपने देश के साथ खड़े हैं।” इसी संदर्भ में, भारतीय व्यापारी तुर्किये से सेब आयात करने से भी मना कर रहे हैं, उनका कहना है कि तुर्किये पाकिस्तानी आतंकियों को सहायता करता है। इसके अलावा, ट्रैवल साइट MakeMyTrip ने भी अपने प्लेटफॉर्म पर अजरबैजान-तुर्किये का प्रचार बंद कर दिया है, जो इस विवाद का और एक पक्ष है।

दूसरी महत्वपूर्ण खबर जम्मू-कश्मीर के शोपियां से है, जहां सुरक्षाबलों ने एक बड़े हथियार जखीरे का पता लगाया है। इस जखीरे में AK-47 राइफलों, हैंड ग्रेनेड्स और हजारों गोलियों के साथ-साथ आतंकियों के महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं। यह ऑपरेशन ‘केलर’ के तहत किया गया था, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को मार गिराया गया था, जिनमें प्रमुख कमांडर शाहिद अहमद कुट्टी भी शामिल था। शोपियां का क्षेत्र आतंकवाद के लिए संवेदनशील माना जाता है और यहां अक्सर ऐसी घटनाएं घटित होती हैं।

मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के साथ जुड़ी विवादास्पद टिप्पणी से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट ने जनहित में FIR दर्ज करने का आदेश दिया। शाह ने कर्नल सोफिया को आतंकियों की बहन बताते हुए एक भद्दा बयान दिया था, जिसकी व्यापक निंदा हो रही है। उनके बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। उन्होंने पहले भी विवादित टिप्पणियां की हैं, जिसे लेकर सत्ता पक्ष से इस पर प्रतिक्रिया भी आई है।

अंत में, पाकिस्तान ने भारत के बल BSF जवान पूर्णम कुमार शॉ को 20 दिन की हिरासत के बाद रिहा कर दिया। यह घटना 23 अप्रैल को हुई थी जब शॉ गलती से सीमा पार कर गए थे। उनकी रिहाई DGMO स्तर की बातचीत के बाद हुई, जिससे यह संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच संचार व्यवस्था में सुधार हो रहा है।

इस प्रकार, इन घटनाओं से यह स्पष्ट है कि स्थिति पर नज़र रखने की आवश्यकता है, चाहे वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो या घरेलू। इन मुद्दों पर ताज़ा अपडेट्स के साथ जुड़े रहें।