यूपी में कयामत: आंधी-बारिश से दिन में अंधेरा, पेड़ गिरे, फसलें तबाह, 22 की मौत
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार को अचानक मौसम ने करवट ली, जिससे आंधी के साथ तेज बारिश ने कहर बरपाया। राज्य के 25 जिलों में आए इस तूफानी मौसम ने लोगों के जीवन को प्रभावित किया। आंधी ने बिजली के खंभों और पेड़ों को उखाड़ फेंका, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बाधित हो गई। राजधानी लखनऊ में तो स्थिति इतनी खराब हो गई कि दिन में ही अंधेरा छा गया, जिससे यातायात और जनजीवन में बड़ी परेशानियां आईं।
बारिश ने सड़कें जलमग्न कर दीं और खेतों में पानी भर जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं। इस दौरान गरजने-चमकने के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हुईं, जिससे जनहानि भी हुई। प्रदेश में इस विकराल मौसम के चलते 22 लोगों की जान गई, जिसमें विभिन्न जगहों पर ये घटनाएं हुईं। खास तौर पर मुरादाबाद में 5 छात्र गंभीर रूप से झुलस गए, जो उनके लिए खतरे की घंटी साबित हुआ।
राज्य के कई इलाके जहां बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया है, वहां फसलों की बर्बादी बड़ी चिंता बन गई है। किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है, और अब उन्हें इस कठिन समय से उबरने के लिए उपाय ढूंढने की आवश्यकता है। निम्नलिखित वीडियो में आप देख सकते हैं कि किन-किन स्थानों पर बारिश हुई और कहां फसलें बर्बाद हो गईं।
यह घटनाएं यह दिखाती हैं कि मौसम में अचानक बदलाव आने से किस तरह से मानवीय जीवन प्रभावित होता है। खासकर दलहन और तेलहन की फसलें ऐसे मौसम में काफी अधिक प्रभावित होती हैं। सरकार को चाहिए कि वह पीड़ित किसानों की मदद के लिए जल्द ही राहत पैकेज का ऐलान करे, ताकि वे उचित मुआवजे के साथ उभर सकें।
मौसम विज्ञान विभाग की ओर से आगे भी ऐसी परिस्थितियों की चेतावनी दी गई है, जिससे सभी को सतर्क रहना होगा। आगामी दिनों में फिर से ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए सभी नागरिकों से अपील है कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और मौसम परिवर्तन के समय सतर्क रहें।









