लुधियाना आरटीए दफ्तर में विजिलेंस का छापा: एजेंटों से कर्मियों के नाम उजागर!

पंजाब के लुधियाना शहर के आरटीए कार्यालय में विजिलेंस की टीम ने हाल ही में एक सक्रियता दिखाई, जिसमें उन्होंने रिश्वतखोरी के मामले में कई व्यक्तियों को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई ईओडब्ल्यू (आर्थर अवैध धन) इकाई द्वारा की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि तीन व्यक्तियों- पंकज अरोड़ा उर्फ सनी, दीपक कुमार और मनीष कुमार ने 1,500 से 3,500 रुपए तक की रिश्वत मांगी थी। इसके अलावा, तारिफ अहमद अंसारी को 7,000 रुपए की मांग करते हुए और हनी अरोड़ा को 500 रुपए मांगते हुए गिरफ्तार किया गया।

विजिलेंस टीम ने जब आरोपियों से पूछताछ की, तो उन्होंने आरटीए कार्यालय की एक महिला और एक पुरुष आपरेटर का नाम लिया। इसके पश्चात, पुलिस ने देर रात को लखबीर कौर लक्की नाम की महिला आपरेटर और आपरेटर पुनीत के खिलाफ मामला दर्ज किया और उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस टीम ने अब इन कर्मचारियों के बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है, जिसमें कुछ संदिग्ध लेनदेन की पहचान की गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों के खातों में कुछ अनियमितताएं पाई गई हैं, जिनके आधार पर विजिलेंस ने इनको नामजद किया है।

इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए, विजिलेंस टीम के अधिकारियों ने अभी तक मीडिया में कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया है। लेकिन सूत्रों की मानें तो यह जांच यह निर्धारित करने की भी कोशिश कर रही है कि रिश्वत का यह पैसा आगे किन-किन अधिकारियों तक पहुंचता है। लखबीर कौर को पिछले दिन सुबह 10 बजे दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इसी क्रम में, पुनीत और अंसारी को भी जांच में सहयोग देने के लिए आमंत्रित किया गया था।

पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है और उनकी फॉरेंसिक लैब में जांच की जा रही है। इस मामले में संलिप्तता के आधार पर, नामजद आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाने की प्रक्रिया भी जारी है, जिसके जरिए कई अन्य व्यक्तियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। आज विजिलेंस टीम इन आरोपियों का मेडिकल करवाकर उन्हें अदालत में पेश करेगी, ताकि रिमांड प्राप्त किया जा सके और मामले की आगे की जांच की जा सके।

इस पूरे घटनाक्रम ने लुधियाना के आरटीए कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया है, और यह अपेक्षा की जा रही है कि इस मामले की जांच जल्द ही और भी व्यापक रूप लेगी। विजिलेंस के अधिकारियों का कहना है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और कानून का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।