चर्च में ईस्टर की खास प्रार्थना, याद किए गए प्रभु यीशु!
अमृतसर | सेंट पैट्रिक चर्च, न्यू आबादी में ईस्टर के अवसर पर एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस प्रार्थना सभा में फादर शितिज एंथनी ने प्रभु यीशु मसीह की महानता का गुणगान किया। इस अवसर पर चर्च के सदस्यों ने पूरे विश्व में बसे लोगों को ईस्टर की शुभकामनाएं भी दीं। फादर एंथनी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि प्रभु यीशु ने मानवता के उद्धार के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने क्रूस पर चढ़कर हमारे पापों को स्वीकार किया और तीन दिन के भीतर मृतकों में से पुनर्जीवित होकर स्वर्ग की ओर चले गए।
ईस्टर का यह पर्व विश्वासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह जीवन और मृत्यु के चक्र के पुनर्जन्म का प्रतीक है। चर्च में उपस्थित सभी सदस्यों ने मिलकर प्रभु यीशु के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। इस प्रार्थना में दीपक शैली, जॉन शुभ, बाबू सैमुअल, मोनू मसीह, सागर चट्ठा, इशाक खोखर, प्रदीप और रोहित जैसे सभी प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान, चर्च के सदस्यों ने आपस में प्रेम और एकता का सं पौत्र प्रस्तुत किया। फादर एंथनी ने बताया कि ईस्टर का पर्व हमें यह सिखाता है कि जीवन की कठिनाइयों में भी आशा और विश्वास बनाए रखना चाहिए। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को आश्वस्त किया कि प्रभु हमेशा हमारे साथ हैं, चाहे कैसी भी परिस्थिति क्यों न हो।
ईस्टर की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हुए, चर्च के सदस्यों ने एक-दूसरे को समाज में प्रेम और एकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में प्रभु यीशु के शिक्षाओं का पालन करना चाहिए ताकि हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकें। इस प्रकार, इस प्रार्थना सभा ने सभी को आध्यात्मिक रूप से मजबूती प्रदान की और उनके मन में सकारात्मकता भरी।
ईस्टर के इस पावन अवसर पर सेंट पैट्रिक चर्च में आयोजित प्रार्थना सभा न केवल आध्यात्मिक विकास का माध्यम बनी, बल्कि यह एकता और भाईचारे का भी संदेश प्रदान करने में सफल रही। सभी ने मिलकर एक-दूसरे के साथ प्रेम, सहयोग और करुणा का संकल्प लिया। इस प्रकार, यह विशेष आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि सामाजिक एकता और मानवता की सेवा का भी संकल्प था।









