क्या है 1 मार्च से 24 अप्रैल के बीच दर्ज हुए 221 मामलों की सच्चाई?

**अमृतसर: नशा तस्करों पर पुलिस ने चलाया सर्च अभियान**

अमृतसर सिटी में पुलिस ने शहर के तीनों जोनों में नशा तस्करों और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ चौतरफा सर्च अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर चेकिंग की, जिसमें घर, होटलों के अलावा 24 स्पा सेंटर, 12 हुक्का बार और 52 सैलून शामिल थे। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो हुक्के और 80 हुक्का फ्लेवर जब्त किए। सर्च अभियान का नेतृत्व पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर और स्पेशल डीजीपी रेलवे शशी प्रभा द्विवेदी ने किया, जिन्होंने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम के साथ मिलकर नशा तस्करों के खिलाफ सख्ती बरती।

पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान कुछ संचालकों जैसे रवि चौरसिया, शुभम महाजन, और नीरज सहोता के खिलाफ बिना लाइसेंस संचालन का मामला दर्ज किया। पुलिस ने नीरज सहोता को मौके से एक हुक्का और फ्लेवर की एक डिब्बी के साथ पकड़ा, जबकि रवि चौरसिया और शुभम महाजन को भी गिरफ्तार किया गया। सिविल लाइन और रणजीत एवेन्यू पुलिस थाने में संबंधित मामलों के पर्चे दर्ज किए गए हैं।

अधिकारीगण ने बताया कि अमृतसर पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में नशे के खिलाफ बड़े पैमाने पर कदम उठाए हैं, जिसमें 1 मार्च से 24 अप्रैल 2025 के बीच 221 मामले दर्ज किए गए और 471 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, पुलिस ने स्कूलों और कॉलेजों में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने का कार्य भी किया है। यदि किसी को नशा तस्करों के बारे में जानकारी हो, तो वह पुलिस हेल्पलाइन 112 या अमृतसर पुलिस कंट्रोल रूम (77101-04818) पर सूचना दे सकता है।

कमिश्नरेट पुलिस ने बताया कि 1 जनवरी से 24 अप्रैल के बीच एनडीपीएस अधिनियम के तहत 283 मामले दर्ज किए गए, जिसके अंतर्गत 604 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने 70 किलोग्राम 287 ग्राम हेरोइन, 6 किलो 519 ग्राम अफीम, 372 ग्राम आइस ड्रग और 58,303 मादक गोलियां एवं कैप्सूल शामिल हैं। साथ ही, 1550 इंजेक्शन और 13 किलो भुक्की भी जब्त की गई। नशे के कारोबार से संबंधित 84 लाख 58 हजार 850 रुपए की राशि और 41 वाहनों को भी पुलिस ने बरामद किया। इसके अलावा, एनडीपीएस अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत वांछित 162 भगोड़ों को भी गिरफ्तार किया गया है।

इस प्रकार, अमृतसर पुलिस का यह अभियान न केवल तस्करों के खिलाफ एक सख्त रुख को दर्शाता है, बल्कि यह नशे की समस्या के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई जारी रहेगी और सभी संभावित प्रयास किए जाएंगे ताकि युवा पीढ़ी को नशे के इस व्यापक जाल से बचाया जा सके।