वार्ड-30 की सीवरेज मोटर 13 दिन से ठप, 6 इलाकों में गंदे पानी का कहर!

**अमृतसर विशेष: वार्ड-30 में सीवरेज की समस्या बनी चुनौती**

अमृतसर के वार्ड-30 में पिछले 13 दिनों से सीवरेज का गंदा पानी निकालने वाली मोटर खराब होने से इलाके में बेहद गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इस कारण एक ही समय में 6 अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों के घरों में गंदा पानी भर रहा है। स्थानीय पार्षद अवतार सिंह ट्रकांवाला ने स्थिति को लेकर मेयर जतिंदर मोती भाटिया को फोन पर और व्यक्तिगत रूप से भी जानकारी दी, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। मेयर कार्यालय से संबंधित अधिकारियों को मामले का निपटारा करने के लिए फोन किए गए हैं, लेकिन हर बार एक-दो दिन का बहाना बनाकर समस्या को टाल दिया जा रहा है। यह एक चिंताजनक स्थिति है, जहां पार्षद की बातें सुनना तो दूर, आम लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों में निगम अधिकारियों और स्थानीय सरकारी एजेंसियों के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। विशेषकर एक्स-ईएन पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह न तो सुनवाई करते हैं और न ही फोन उठाते हैं। इस स्थिति में यह सवाल उठता है कि जब पार्षदों और नेताओं की सुनवाई नहीं हो रही, तो आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए किस पर भरोसा कर सकती है। इस मुद्दे को ध्यान में रखते हुए, पार्षद ट्रकांवाला ने बताया कि जब मोटर खराब हो जाती है तो स्पेयर मोटर का होना अनिवार्य है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों की इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यह स्थिति अमृतसर शहर के विकास की योजनाओं में बाधा डाल रही है।

दूसरी ओर, हाल ही में मेयर को शहर का कार्यभार संभाले 9 दिन हो चुके हैं, लेकिन सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का इस मुद्दे पर कोई तलाष नहीं है। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ट्रकांवाला और एडवोकेट पीसी शर्मा ने कहा कि जैसे चुनाव के दौरान नेताओं ने घर-घर जाकर वोट मांगे थे, उसी तरह अब उन्हें लोगों की समस्याओं का भी ध्यान रखना होगा। गंदे पानी और कूड़े के ढेर से निपटने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, न कि केवल बहाने बनाने की।

मौजूदा समय में, ईस्ट मोहन नगर, अजीत नगर, मोहन नगर, राम नगर, उत्तम नगर और कोट भगत सिंह जैसे क्षेत्र गंदे पानी से प्रभावित हैं। इस समस्या से ग्रसित लोग दिन-रात बदबू और गंदगी के बीच जीने को मजबूर हैं। निगम के अतिरिक्त कमिश्नर सुरिंदर सिंह ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए कहा है कि लोगों को समस्या का निस्तारण होने तक किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस मामले को तुरंत सुलझाने के निर्देश दिए जाएंगे।

अतः, आज जिस तरह से स्थिति विकट बन चुकी है, यह स्पष्ट हो जाता है कि स्थानीय प्रशासन को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके और अमृतसर की छवि को बनाए रखा जा सके।