किसान आंदोलन से चंडीगढ़-कालका रूट बाधित, 15 ट्रेनें रद्द; दिल्ली मार्ग परिवर्तित!

हरियाणा और पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन से प्रभावित होकर रेलवे विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए चंडीगढ़ और कालका से चलने वाली कई ट्रेनों को स्थागित कर दिया है। इस स्थिति में, 15 ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द किया गया है, जिसमें तीन शताब्दी ट्रेनें भी शामिल हैं। इसके अलावा, वंदे भारत ट्रेन समेत अन्य तीन ट्रेनों की सेवा को सीधे अंबाला तक सीमित कर दिया गया है। नॉर्दर्न रेलवे ने एक साथ 158 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया है, और 50 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है, जिससे यात्रियों के लिए एक बड़ी असुविधा उत्पन्न हो रही है।

चंडीगढ़ से रद्द की गई ट्रेनों की सूची में 12011-12 कालका-दिल्ली शताब्दी, 12005-06 कालका-दिल्ली शताब्दी, 12045-46 चंडीगढ़-दिल्ली शताब्दी, 12527-28 रामनगर-चंडीगढ़, 14332 कालका-दिल्ली, 14795-96 कालका-भिवानी, 12411-12 चंडीगढ़-अमृतसर, 54569-70 कालका-अंबाला पैसेंजर शामिल हैं। वहीं, अंबाला तक सीमित की गई ट्रेनों में 12231 लखनऊ-चंडीगढ़, 12057-58 न्यू दिल्ली-अंदौरा जनशताब्दी और 20977-78 अजमेर-चंडीगढ़ वंदे भारत शामिल हैं।

किसान संगठनों द्वारा अंबाला में होने वाले प्रदर्शनों के कारण, कुछ रेल मार्गों को डायवर्ट भी किया गया है। चंडीगढ़ से दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों में पंचकूला से रामगढ़, शहजादपुर, मुलाना, यमुनानगर, रादौर, लाडवा, इंद्री, करनाल, पानीपत, सोनीपत शामिल हैं। इसके अलावा, दिल्ली से चंडीगढ़ लौटने वाले वाहनों के लिए भी विशेष रास्ते निर्धारित किए गए हैं, जिसमें पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, शाहबाद, साहा, शहजादपुर, रामगढ़ शामिल हैं। यह सभी बदलाव जनता की सुविधा और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए किए गए हैं।

इस आंदोलन के चलते, अंबाला पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा और अवाधान को देखते हुए रूट डायवर्ट प्लान तैयार किया है। 30 दिसंबर को पंजाब बंद के मद्देनजर, कोई भी नागरिक, यदि किसी असुविधा का सामना कर रहा हो, तो वो डायल 112 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकता है। यह निर्णय यात्रियों की यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा करने से पहले अपने मार्ग और ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें। इससे वे किसी भी परेशानी से बच सकेंगे और अपनी यात्रा को सुखद बना सकेंगे। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, रेलवे विभाग ने सक्रियता दिखाई है और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।