जालंधर: बागी अकाली गुट ने जगीर कौर को SGPC चुनाव में प्रधान हेतु चुना!
शिरोमणि अकाली दल के बागी गुट द्वारा एसजीपीसी चुनाव और श्री अकाल तख्त साहिब में हालिया घटनाक्रम को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बागी गुट ने इस चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया। बीबी जागीर कौर को एसजीपीसी का उम्मीदवार चुनने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान उपस्थित नेताओं ने बीबी जागीर कौर का आभार व्यक्त किया, जिससे उनके समर्थन का स्पष्ट संकेत मिला। बैठक में बीबी जागीर कौर के अलावा प्रेम सिंह चंदूमाजरा, गुरप्रताप सिंह वडाला जैसे कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
बैठक के बाद पूर्व विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह बैठक अकाली दल के सुधार लहर के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण घटना थी। उन्होंने बताया कि बैठक का प्रमुख उद्देश्य श्री अकाल तख्त साहिब में उठे विवादों पर चर्चा करना था। वडाला ने गंभीरता से कहा कि कुछ लोगों ने जानबूझकर झूठे आरोप लगाए हैं, जिससे ज्ञानी हरप्रीत सिंह का इस्तीफा देने जैसा कदम उठाना पड़ा, लेकिन संस्थाओं के एकजुट होने के चलते उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया। वडाला ने यह भी बताया कि विरसा सिंह वल्टोहा के कुछ बयानों के पीछे की सच्चाई भी जल्द उजागर होगी।
वडाला ने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का किसी को भी अधिकार नहीं है और सभी निर्णय परंपरा के अनुसार ही लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वल्टोहा के कथनों के आधार पर संरचना को बदलना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एसजीपीसी चुनाव पर भी बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें बागी गुट ने अपने उम्मीदवार बीबी जागीर कौर का ऐलान किया।
इस बीच, पूर्व मंत्री प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब में डर का माहौल पैदा करने की कोशिश की गई, लेकिन पंथ ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह के समर्थन में खड़ा होकर यह दिखा दिया कि सिख समाज एकजुट है। चंदूमाजरा ने बीबी जागीर कौर को उम्मीदवार चुने जाने पर बधाई दी और उनके नेतृत्व पर आशा व्यक्त की।
बीबी जागीर कौर ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि सम्मानित नेताओं ने मुझ पर विश्वास किया है। मुझे मुख्य सेवादार के उम्मीदवार के रूप में चुने जाने का आभार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी केवल सिख समुदाय की बात करेगी और राजनीति में कम से कम हस्तक्षेप करेगी। इस प्रकार, बीबी जागीर कौर का चयन बागी गुट के लिए एक नया अध्याय की शुरुआत हो सकता है, जहां वह संस्था को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध दिखती हैं।









