पंजाब पंचायत चुनाव में वीडियोग्राफी: पारदर्शिता के लिए बड़ा कदम! 13937 गांवों में मतदान
पंजाब में पंचायत चुनाव की तैयारी पूरी कर ली गई है। चुनाव आयोग ने एक आधिकारिक पत्र जारी करते हुए मतदान और मतगणना के समय पूरे प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग को अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी और आयोग के इस निर्णय का स्वागत किया। बाजवा ने कहा कि यह निर्णय लोकतंत्र में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इस निर्देश का पालन केवल कागज़ पर नहीं, बल्कि इसके मूल सिद्धांतों के अनुसार किया जाना चाहिए।
पंजाब में पंचायत चुनावों के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब पुलिस ने भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। सभी जिलों के एसएसपी और कमिश्नर को सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं। इस बार चुनावों में कुल 1 करोड़ 33 लाख मतदाता हिस्सा लेंगे और मतदान के दिन शांति बनाए रखने के लिए लगभग 96,000 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। खास बात यह है कि मतदान के दिन पूरे पंजाब में छुट्टी भी घोषित की गई है, जिससे लोग सुरक्षित और बिना किसी चिंता के मतदान कर सकें।
पंजाब में इस बार 13,937 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव हो रहे हैं। पिछली बार पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही पंजाब सरकार ने 11 अगस्त 2023 को इन्हें भंग कर दिया था, जिसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ था। कई सरपंचों ने इस निर्णय का विरोध किया था और इसे अपने अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। इस मामले के बाद पंचायतों को फिर से बहाल किया गया, जिससे चुनावी प्रक्रिया को गति मिली।
पंचायत चुनाव, राजनीतिक दलों के लिए एक महत्वपूर्ण मापदंड साबित होने जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल जैसे प्रमुख दलों के लिए यह चुनाव उनकी खोई हुई जमीन को वापस पाने का एक सुनहरा अवसर है। सभी राजनीतिक दल इन चुनावों की तैयारी में जुटे हुए हैं और आयोग द्वारा निर्धारित नये दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी रणनीतियों को तैयार कर रहे हैं।
इस बार हुए पंचायत चुनाव न केवल राजनीतिक दलों के लिए परीक्षा बनेगा, बल्कि यह मतदाताओं के लिए भी उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को एक बार फिर से मजबूत करने का मौका प्रदान करेगा। चुनाव आयोग के इस प्रयास से यह आशा की जा रही है कि चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न होंगे, जिससे लोकतंत्र की बुनियाद को और मजबूत किया जा सकेगा।









