पंजाब में सरपंची की बोली पर हंगामा: AAP प्रतिनिधि ने EC से मुलाकात, DC जांच के आदेश

पंजाब में पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही गांवों में राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आ गई है। हाल ही में गुरदासपुर जिले के गांव हरदोवाल कलां में सरपंच पद के लिए 2 करोड़ रुपए की बोली लगाने का विवाद उठ खड़ा हुआ है। एक व्यक्ति ने सरपंच पद के लिए इस बड़ी राशि की बोली लगाई है, और अब उसने चुनावी मैदान में उतरने का निर्णय लिया है। मामला तब और गरमाया, जब गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर ने इस बोली की जांच के आदेश दिए। इसके अलावा, एक महिला वकील ने इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसके चलते चुनाव आयोग से भी कार्रवाई की मांग की गई है।

महिला वकील सतिंदर कौर के अनुसार, सरपंच पद की बोली लगाना एक गंभीर कानूनी उल्लंघन है, जो लोकतंत्र के सिद्धांतों का मजाक बना रहा है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से अवैध है और इससे भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को ठेस पहुंची है। उनकी याचिका के अनुसार, ऐसा कोई भी चुनाव, जिसमें बोली लगाई जाए, कोड ऑफ कंडक्ट और पंजाब स्टेट इलेक्शन एक्ट का उल्लंघन है। सुनवाई 3 अक्टूबर को हाईकोर्ट में होगी, जहां मामले पर उचित फैसले की उम्मीद जताई जा रही है।

इस मामले में आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी सक्रियता दिखाई है और चुनाव आयोग से मुलाकात की है। कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और वरिष्ठ नेता नील गर्ग जैसे कई नेता इस बातचीत का हिस्सा बने। वकील सतिंदर कौर ने यह भी बताया कि इस तरह के अनुचित आचरणों को रोकने के लिए जल्दी से कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आम आदमी भी चुनावी प्रक्रिया में भाग ले सके।

हरदोवाल कलां गांव में सरपंच पद के दावेदार आत्मा सिंह की बोली को लेकर गांव के कुछ निवासी भी विरोध कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अंतिम तारीख के दिन आत्मा सिंह अन्य दावेदारों से अधिक बोली लगाने का प्रयास कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि आत्मा सिंह जल्द ही अपनी नामजदगी दायर करेंगे।

इस पूरे घटनाक्रम में डिप्टी कमिश्नर उमा शंकर गुप्ता ने कहा है कि मामले की जांच की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डेरा बाबा नानक के एडीसी और एसडीएम को जांच करने के लिए निर्देशित किया है। इस प्रकार यह मुद्दा न केवल राजनीतिक हलचल पैदा कर रहा है, बल्कि पंजाब के चुनावी माहौल पर और गहरा असर डाल सकता है।