पंजाब उपचुनाव में हलचल: कांग्रेस बैठक बुलाएगी, भाजपा-AAP नेता चुनावी मैदान में एक्टिव

पंजाब में चार विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुट गई हैं। इन उपचुनावों का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि इससे संबंधित सभी दलों की राजनीतिक प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। इस स्थिति को देखते हुए कोई भी पार्टी तैयारी में ढिलाई नहीं बरतना चाहती है। इस कड़ी में, कांग्रेस ने आगामी चुनावों के संदर्भ में कल चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। दूसरी तरफ, भाजपा के द्वारा नियुक्त प्रभारी और सह प्रभारी भी चुनाव की तैयारियों में सक्रियता दिखा रहे हैं। आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल का नेतृत्व भी चुनावी गतिविधियों में पूरी तरह से व्यस्त है।

पंजाब की चार विधानसभा सीटों पर 13 अक्टूबर को मतदान होना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में एक बैठक आयोजित करने की योजना बनाई है। इस बैठक में पार्टी के कई महत्वपूर्ण नेता उपस्थित रहेंगे, जिनमें कांग्रेस के प्रभारी देवेंद्र यादव और प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग शामिल हैं। बैठक के दौरान, चारों विधानसभा क्षेत्रों के संभावित प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा की जाएगी और सभी सात बिंदुओं से फीडबैक प्राप्त किया जाएगा। इसके बाद, प्राप्त सुझावों के आधार पर नाम कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजे जाएंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि 21 तारीख तक प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी जाएगी।

भाजपा भी उपचुनाव के लिए पूरी तैयारी में जुटी है। पार्टी ने चारों विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रभारी नियुक्त किए हैं और ये प्रभारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए सक्रिय हो गए हैं। भाजपा के नेता अविनाश राय खन्ना ने गिद्दड़बाहा क्षेत्र में एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह बादल भी शामिल थे। इसके अलावा, भाजपा के ढिल्लों भी बरनाला में अपनी गतिविधियों को तेज कर दिए हैं। इससे पहले, पार्टी ने चंडीगढ़ में एक प्रमुख बैठक आयोजित की थी, जिसमें सभी क्षेत्रों से फीडबैक लिया गया था। हालांकि, पार्टी की प्रमुख सुनीला जाखड़ ने भाजपा से दूरी बनाए रखी है।

आम आदमी पार्टी (AAP) की नजरें भी इन उपचुनावों पर हैं। लोकसभा चुनाव समाप्त होने के बाद, AAP ने इन चार विधानसभा क्षेत्रों के लिए तैयारियां शुरू की हैं। इन चुनाव क्षेत्रों में विकास कार्यों का सिलसिला चालू है, लेकिन पंचायत चुनाव के कारण कुछ यथास्थिति आई है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल के नेता भी इन विधानसभा क्षेत्रों में सक्रियता दिखा रहे हैं। उन्होंने पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से सभी संबंधित क्षेत्र का दौरा किया और वहाँ के लोगों से फीडबैक लिया है।

इस प्रकार, पंजाब में चल रहे उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल सक्रिय हैं और अपनी रणनीतियों को सुदृढ़ कर रहे हैं। यह चुनाव न केवल वोटरों के लिए, बल्कि पार्टियों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इससे उनकी राजनीतिक भविष्यवाणियाँ और सद्भावना तय होंगी। नेताओं की सक्रियता और रणनीतिक मीटिंग्स इस बात का संकेत देती हैं कि सभी दल इन चुनावों में जीत हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।