भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई
रांची, 17 अक्टूबर (हि.स.)। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा झारखंड प्रदेश की ओर से गुरुवार काे प्रदेश कार्यालय में महर्षि वाल्मीकि की जयंती मनायी गयी। माैके पर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि पहले डाकू हुआ करते थे और उनका नाम रत्नाकर था। एक दिन रत्नाकर की तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्माजी ने दर्शन दिए। रत्नाकर के शरीर पर दीमकों का पहाड़ बन गया था, इसलिए ब्रह्माजी ने रत्नाकर को वाल्मीकि का नाम दिया। क्योंकि दीपकों के घर को वाल्मीक कहा जाता है। साथ ही ब्रह्माजी ने रत्नाकर को रामायण की रचना करने के लिए प्रेरणा भी दी। इसके बाद से उन्हें वाल्मीकि के नाम से जाना जाता है। इस तरह राम का नाम जपते हुए डाकू रत्नाकर महर्षि वाल्मीकि बन गए।
क्षेत्रीय संगठन मंत्री नागेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भगवान राम के सबसे बड़े भक्त माने जाते थे। उन्होंने ही पूरी रामायण लिखी थी। इस दिन ऋषि वाल्मीकि की पूजा की जाती है। उनके मंदिरों को फूलों से सजाया जाता है। साथ ही रामायण की चौपाई पढ़ी जाती है।
संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारत के दर्शन और इतिहास में एक बहुत ही चर्चित नाम हैं, जिन्होंने रामायण जैसा महाकाव्य लिखा।
प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान श्रीराम ने माता सीता का परित्याग किया, तो वह महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में कई वर्षों तक रही थीं। यहीं पर माता सीता ने लव व कुश को जन्म दिया था।
मौके पर भाजपा की प्रदेश मंत्री सीमा पासवान, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश पासवान, प्रदेश कार्यालय मंत्री जोगेंद्र लाल, प्रदेश मंत्री राजीव राज लाल, प्रदेश प्रवक्ता राकेश राम, रामगढ़ प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम एवं अन्य उपस्थित थे।
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