एअर इंडिया फ्लाइट में धमाका? आतंकी पन्नू की धमकी: 1984 दंगों का बदला!
अमेरिका में रहने वाले सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हाल ही में एयर इंडिया में बम विस्फोट की धमकी दी है। पन्नू ने अपने एक वीडियो में 1984 के सिख दंगों का बदला लेने की बात कही और लोगों को एयर इंडिया के विमानों में सफर न करने की सलाह दी। उसने स्पष्ट किया कि इस नवंबर में 1984 के दंगों की 40वीं सालगिरह है, जिसमें 13,000 से ज्यादा सिख, महिलाएं और बच्चे मारे गए थे। पन्नू का कहना था कि यह घटना भारतीय सरकार की ओर से की गई थी और उसने विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों से अपील की कि वे 1 से 19 नवंबर तक एयर इंडिया का बायकॉट करें।
इस बीच, पन्नू ने पायलटों को धमकी दी कि विमान पर संदिग्ध बम हो सकता है। पन्नू के खिलाफ हरियाणा के युवक विकास यादव को अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने मोस्ट वांटेड घोषित किया है। FBI के अनुसार, विकास यादव भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) का अधिकारी है और उसे पन्नू की हत्या की साजिश में शामिल बताया गया है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि पन्नू ने पहले भी 4 नवंबर 2023 को एयर इंडिया के विमानों को उड़ाने की धमकी दी थी।
पन्नू ने कहा था कि 19 नवंबर को एयर इंडिया की फ्लाइट में यात्रा करने का निर्णय आपके जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकता है। साथ ही, पन्नू ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद करने की धमकी दी, जो ठीक वही दिन है जब क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल मैच होना था। पिछले साल पन्नू के खिलाफ भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। भारत सरकार ने 2019 में SFJ पर प्रतिबंध लगाया था और पन्नू को आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया था।
हाल ही में, अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने हरियाणा के प्राणपुरा गांव के विकास यादव के खिलाफ कार्रवाई की है। विकास यादव पर पन्नू की हत्या की योजना बनाने और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया है। विकास यादव का नाम सामने आने के बाद उसकी मां ने कहा कि उनका बेटा हमेशा शांत स्वभाव का था। गांव वालों ने भी यह दर्शाया कि विकास के ऊपर लगे आरोपों से वे स्तब्ध हैं।
यह मामला भारतीय और अमेरिकी दोनों सरकारों के लिए एक नई चुनौती प्रस्तुत कर रहा है। पन्नू की गतिविधियाँ और धमकियाँ न केवल उड़ान सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं, बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दा भी बनता जा रहा है। साथ ही, विकास यादव की जांच से यह स्पष्ट हो रहा है कि इस तरह की आतंकवादी गतिविधियों में अब विदेशी संगठनों का सहयोग भी हो रहा है। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियाँ इस मामले पर बारीकी से निगरानी रख रही हैं और इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की योजना बना रही हैं।
सारांश में, यह घटनाएँ सिख फॉर जस्टिस और उसके समर्थकों की बढ़ती गतिविधियों को उजागर करती हैं, जबकि भारतीय और अमेरिकी सरकारें इस प्रकार की आतंकवादी साजिशों का सामना करने के लिए तत्पर हैं।









